July 24, 2026

दिल्ली की निजी बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, दिल्ली सरकार को बड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की निजी बिजली वितरण कंपनियों के CAG ऑडिट पर 15 जुलाई तक रोक लगाई।

New Delhi/Alive News: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को बड़ा झटका देते हुए राजधानी की तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के कैग (CAG) ऑडिट पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने 15 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।

यह मामला उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले ‘रेगुलेटरी एसेट्स (Regulatory Assets)’ के रूप में वर्षों से जमा लगभग 38,500 करोड़ रुपये से जुड़ा है।

जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) द्वारा कैग को ऑडिट का जिम्मा सौंपने की कानूनी वैधता पर गंभीर सवाल हैं, जिन पर न्यायिक फैसला आवश्यक है। अदालत ने निर्देश दिया कि अगले आदेश तक ऑडिट की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) के उस निर्देश पर भी रोक लगा दी, जिसमें ऑडिट के लिए एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने की बात कही गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक न तो किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति होगी और न ही CAG ऑडिट की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। यह सुनवाई DERC की उस याचिका पर हो रही थी, जिसमें APTEL के अप्रैल 2026 के फैसले को चुनौती दी गई है।

APTEL ने अपने फैसले में कहा था कि निजी बिजली वितरण कंपनियों का ऑडिट CAG से कराना मौजूदा कानूनी व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। इसके बजाय रेगुलेटर को एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित निजी बिजली वितरण कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को नियमित पीठ करेगी। तब तक सभी पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।