Prabhjot kour/Alive News
Faridabad: बीके अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में निर्धारित नियमों की पालना को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में परिजनों के मिलने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, लेकिन शनिवार को दोपहर करीब एक बजे भी वार्ड में पुरुष मौजूद नजर आए। इस दौरान आसपास मौजूद महिला सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से उन्हें वार्ड से बाहर जाने के लिए नहीं कहा गया। वार्ड के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी लगातार निगरानी के लिए सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया। ऐसे में महिला मरीजों की निजता के साथ नवजातों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मिलने का समय एक घंटे, दिनभर बनी रहती है आवाजाही
अस्पताल के अनुसार जच्चा-बच्चा वार्ड में परिजनों के मिलने के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद निर्धारित समय खत्म होने के बाद भी पुरुष वार्ड में मौजूद रहे। कुछ लोग महिला मरीजों के पास बैठे नजर आए, जबकि कुछ समय पहले वार्ड में पुरुषों के बेड पर आराम करते नजर आए।
महिला मरीजों का कहना है कि डिलीवरी के बाद उन्हें आराम की जरूरत होती है। ऐसे में निर्धारित समय के बाद भी पुरुषों के वार्ड में आने से उन्हें असहज महसूस होता है। मिलने का समय तय होने के बावजूद इसकी पालना कराने वाला कोई नजर नहीं आता। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किए जाने की जरूरत है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं बच्चा चोरी की घटनाएं
12-13 सितंबर 2023 को बीके अस्पताल से दो दिन का एक नवजात चोरी हो गया था। आरोपी अस्पताल स्टाफ का भेष बनाकर वार्ड में दाखिल हुए और बच्चा लेकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अस्पतालों के जच्चा-बच्चा वार्ड से नवजातों की चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में वार्ड में बिना निगरानी लोगों की आवाजाही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाती है। डिलीवरी के बाद मां और नवजात दोनों को संक्रमण से बचाने के लिए अस्पताल के वार्ड में अनावश्यक आवाजाही को सीमित रखना जरूरी होता है।
वर्जन
निर्धारित समय के बाद किसी भी पुरुष को वार्ड में रुकने की अनुमति नहीं है। यदि इसके बावजूद पुरुष वार्ड में मौजूद मिले हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी।
– डॉ. विकास गोयल, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके अस्पताल

