July 8, 2026

जीवा पब्लिक स्कूल में नवनिर्वाचित छात्र टीमों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित

जीवा पब्लिक स्कूल फरीदाबाद में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी में छात्र नेताओं को शपथ दिलाते हुए।

Faridabad/Alive News: सेक्टर-21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में 4 जुलाई 2026 को ‘इन्वेस्टिचर सेरेमनी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की नई छात्र नेतृत्व टीमों को शपथ दिलाई गई और उन्हें बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। सभी छात्र नेताओं ने अपने दायित्वों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की शपथ ली।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान, उपाध्यक्ष चंद्रलता चौहान, एकेडमिक हेड मुक्ता सचदेव तथा प्रधानाचार्या डॉ. नरजीत कौर मौजूद रहीं।

विद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्र टीमों का चयन एक विशेष प्रक्रिया के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

चयन प्रक्रिया के पहले चरण में विद्यार्थियों की बुद्धिमत्ता और व्यवहार के आधार पर कक्षा प्रतिनिधियों (सीआर) का चयन किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में विभिन्न टीमों के लीडर्स चुने गए। ये छात्र विद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की जानकारी भी दी गई और उन्हें अपने कर्तव्यों तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यालय में ट्रांज़िट कॉप्स (ट्रैफिक), मार्शल (एस्कॉर्ट), क्रिएटर्स (विजुअल), ईकोवॉरियर्स (नेचुरलिस्टिक), इंटरप्रिनियर्स, नेविगेटर्स (प्रोवाइडिंग) और टेकचैम्प सहित विभिन्न टीमों का गठन किया गया। सभी प्रतिनिधियों का चयन उनकी कार्यक्षमता, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व के आधार पर किया गया।

कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों वेदांत, अनुष्क तथा कक्षा 10वीं के श्रेय ने पूरी चयन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया। वहीं कक्षा 12वीं की छात्रा यशिका ने सभी नवनिर्वाचित छात्र नेताओं को शपथ दिलाई।

विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने सभी छात्र नेताओं को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाएं, अपने लक्ष्यों को समझें और दूसरों के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने जीवा लर्निंग सिस्टम के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि आज देश के कई शिक्षण संस्थान इस मॉडल को अपना रहे हैं, जो भारत की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।