September 3, 2026

फर्जी कस्टमर केयर नंबर से दो लोगों से साइबर ठगी, ₹1.83 लाख उड़ाए

फर्जी कस्टमर केयर नंबर से साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपित

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगी के दो मामलों में साइबर थाना NIT पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में पीड़ितों ने इंटरनेट पर डॉक्टर और ऑनलाइन ऑटो सेवा का कस्टमर केयर नंबर खोजा था। ठगों ने संपर्क में आने के बाद उनके बैंक खातों से कुल 1,83,750 रुपये निकाल लिए।

पहले मामले में सैनिक कॉलोनी, सेक्टर-49 निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए इंटरनेट पर मोबाइल नंबर खोजा था। इसके बाद एक अनजान नंबर से उसके पास कॉल आई। ठगों ने पत्नी का नाम और अन्य जानकारी पूछकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद खाते से चार अनधिकृत UPI ट्रांजैक्शन के जरिए 95,105 रुपये निकाल लिए गए।

जांच के दौरान पुलिस ने ज्यानी दर्शन शैलेश निवासी अमरेली, गुजरात को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपित बीकॉम पास और बेरोजगार है। उसने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। जांच में इस खाते में ठगी के 10 हजार रुपये आने की बात सामने आई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया है।

दूसरे मामले में नगला इंक्लेव पार्ट-2 निवासी व्यक्ति ने ऑनलाइन ऑटो बुक किया था। सर्विस पूरी होने के बाद उसके 150 रुपये रिफंड होने थे। उसने इंटरनेट पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से कॉल कर ठगों ने रिफंड दिलाने का झांसा दिया और उसके बैंक खाते से 88,645 रुपये निकाल लिए।

इस मामले में पुलिस ने मो. रियासत निवासी देवघर, झारखंड को झारखंड जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया। पूछताछ में सामने आया कि उसने एक महिला से यह कहकर बैंक खाता लिया था कि उसमें उसके पैसे आने हैं। बाद में उसने यह खाता साइबर ठगों को दे दिया। पुलिस के मुताबिक, खाते में ठगी के करीब 86 हजार रुपये आए थे, जिन्हें एटीएम से निकलवाकर आगे ठगों तक पहुंचाया गया। पूछताछ के बाद आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बैंक, अस्पताल, कंपनी या ऑनलाइन सेवा का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर मिले अनजान नंबर से लेने के बजाय उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही प्राप्त करें। OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल या कार्ड की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।