Patna/Alive News: बिहार में गंगा, गंडक और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच अब सोन नदी ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध और सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद बांध से पानी छोड़ा गया। यह पानी बिहार पहुंचने के बाद सोन नदी का जलप्रवाह तेजी से बढ़ गया।
मंगलवार को सोन नदी में इस साल का सबसे अधिक करीब 5.25 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जलप्रवाह बढ़ने के कारण रोहतास जिले के इंद्रपुरी बैराज पर भी दबाव बढ़ गया। जल निकासी के लिए पहले 56 गेट खोले गए, लेकिन पानी बढ़ने के बाद बैराज के सभी 69 गेट खोलने पड़े।
बाणसागर से बिहार तक कैसे पहुंचता है पानी?
बाणसागर बांध सोन नदी पर मध्य प्रदेश के रीवा-शहडोल क्षेत्र में बना है। बांध के गेट खोले जाने पर पानी सोन नदी में छोड़ा जाता है। यह पानी मध्य प्रदेश से आगे उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों से गुजरते हुए बिहार पहुंचता है।
बिहार में रोहतास जिले का इंद्रपुरी बैराज सोन नदी के पानी को नियंत्रित करने वाला प्रमुख स्थान है। बाणसागर से छोड़ा गया पानी डेहरी-ऑन-सोन और इंद्रपुरी बैराज तक पहुंचने के बाद आगे भोजपुर और पटना के मनेर क्षेत्र की ओर बढ़ता है और फिर गंगा नदी में मिल जाता है। इसी वजह से बाणसागर से ज्यादा पानी छोड़े जाने का असर सबसे पहले सोन नदी के किनारे बसे दक्षिण और मध्य बिहार के इलाकों में दिखाई देता है।
सोन नदी के किनारे अलर्ट
बाणसागर से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी बिहार पहुंचने के बाद सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। रोहतास, डेहरी, नासरीगंज और सोन नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
31 अगस्त को भी बाणसागर के अतिरिक्त गेट खोलकर करीब 3277 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। उस समय भी पानी की मात्रा बढ़ने पर और पानी छोड़े जाने की संभावना जताई गई थी।
इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोले
सोन नदी में पानी बढ़ने का सीधा दबाव इंद्रपुरी बैराज पर पड़ा। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बैराज के गेट चरणबद्ध तरीके से खोले गए। मंगलवार तक सभी 69 गेट खोलने की जरूरत पड़ी।
प्रशासन नदी के जलस्तर और बैराज की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नदी किनारे बसे गांवों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने तथा बिना जरूरत नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।
भोजपुर और पटना तक बढ़ सकता है असर
सोन नदी का बढ़ता जलस्तर केवल रोहतास तक सीमित नहीं है। इसका असर भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल और पटना के सोन तटीय इलाकों पर भी पड़ सकता है। मनेर क्षेत्र में भी सोन नदी के जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ी है। निचले इलाकों में पानी फैलने का खतरा बना हुआ है। औरंगाबाद में भी सोन समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
बिहार में कई नदियों का दबाव
बिहार इस समय कई दिशाओं से बढ़ते जलस्तर की चुनौती का सामना कर रहा है। नेपाल में भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण गंडक और कोसी नदियों में दबाव बढ़ा है। दूसरी ओर, गंगा का जलस्तर भी कई जगहों पर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बताया जा रहा है।
अब बाणसागर से छोड़े गए पानी के कारण सोन नदी में भी तेज बहाव ने चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में दक्षिण और मध्य बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

