Sikkim/Alive News: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे में अब तक 10 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। हादसे के बाद सुरंग में फंसे अन्य श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ पूरी तरह खड़ी है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के लिए बड़ी ताकत है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राज्य सरकार के अनुसार, जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA), सिक्किम पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाने और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी निवासी बोलो उरांव, गोरा उरांव और बाइकेसर उरांव, पंजाब के पठानकोट निवासी यासोहल, उत्तराखंड के देहरादून निवासी विकेय रावत, असम निवासी बाबुल बोरोदलई और नामची निवासी लाक्पा दोर्जी तामांग शामिल हैं। तीन अन्य शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
नामची की जिला कलेक्टर अनूपा टमलिंग ने बताया कि आशंका है कि करीब 27 मजदूर सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं। हालांकि, अंदर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण अभी सही संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकती। एनडीआरएफ की टीम सुरंग के अंदर पहुंचकर लगातार बचाव अभियान चला रही है।
गौरतलब है कि सोमवार दोपहर समरडोंग क्षेत्र में स्थित सुरंग के अंदर कथित गैस रिसाव के बाद यह हादसा हुआ, जिसके चलते कई श्रमिक अंदर फंस गए।

