September 23, 2026

सीजेपी प्रतिनिधियों से मिले जेपी नड्डा, धरना खत्म करने की अपील; आंदोलन जारी रखने पर अड़ा संगठन

जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सीजेपी प्रतिनिधि, चलो संसद आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन।

New Delhi/Alive News: ‘चलो संसद’ मार्च के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए उन्हें बुलाया था। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि सरकार के पास बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था।

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि उनकी और आशुतोष रांका की जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि मुलाकात में संगठन की मांगों पर चर्चा हुई और मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों पर उचित स्तर पर बात की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी भी मांग को लेकर कोई अंतिम फैसला या आश्वासन नहीं दिया गया है।

सौरव दास ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि जंतर-मंतर और आसपास प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी।

सीजेपी ने जेपी नड्डा को सौंपे गए ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देकर उनके खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचाया जाए। दूसरी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए या उन्हें पद से हटाया जाए। तीसरी, नीट 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

वहीं जेपी नड्डा ने भी सोशल मीडिया पर मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि सुबह प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से चर्चा हुई और बाद में उन्हें लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

इससे पहले सोमवार को सीजेपी के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए और स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

प्रदर्शन के दौरान सीजेपी ने कई आरोप लगाए। संगठन ने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और कई लोग घायल हुए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही कई जानकारियां भ्रामक हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट और गलत जानकारी साझा न करें।