Faridabad/Alive News: फरीदाबाद जिले में आगामी मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान और सीवरेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने मंगलवार को फरीदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों एनएचएआई और सर्विस रोड के साथ लगने वाले क्रिटिकल पॉइंट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए), नगर निगम, पंचायती राज विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी मौजूद रहे।
डीसी आयुष सिन्हा ने निरीक्षण की शुरुआत सराय मेट्रो स्टेशन से की, जिसके बाद उन्होंने सेक्टर-16 नेशनल हाईवे, गुड ईयर चौक, बल्लभगढ़ सेक्टर-04 सर्विस रोड और इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-59 का जायजा लिया। इसके उपरांत डीसी हाइवे रोड सीकरी, सीकरी ड्रेन और सीकरी गांव के जोहड़ पर पहुंचे। निरीक्षण के अंतिम चरण में बाटा चौक, राम नगर, सरपंच कॉलोनी तथा एनएच-19 संत नगर स्थित नालों एवं ड्रेनों की स्थिति को बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीसी आयुष सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जल निकासी के लिए पिछली बार की तुलना में इस बार अतिरिक्त क्षमता वाले पंपों को लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, “लोवेस्ट हेड कैलकुलेशन के आधार पर पंपिंग क्षमता को बढ़ाना होगा। वर्तमान की क्षमता का आंकलन करते हुए इसमें और अधिक क्षमता वाले पंपों से जोड़कर क्षमता बढ़ाना सुनिश्चित करें, ताकि भारी बारिश के दौरान भी शहर में पानी जमा न हो।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्य करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि पंप से पानी की वेलोसिटी बढ़ाई जा सकती है, तो पंपिंग स्टेशनों को प्राथमिकता दें ताकि पानी का निकास जल्द हो सके।
डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जीपीआर तकनीक का तुरंत उपयोग करें। उन्होंने कहा कि 6-7 मीटर नीचे दबी लाइनों को लोकेट करना अब मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि मैनुअल तरीके से पाइप या मैनहोल नहीं मिल रहे हैं, तो जीपीआर तकनीक से उनकी लोकेशन का पता लगाकर तत्काल सफाई और प्लानिंग का काम पूरा करें।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई द्वारा डाली गई स्टॉर्म वॉटर और सीवर लाइनों पर भी चर्चा हुई। डीसी आयुष सिन्ह ने संज्ञान लिया कि एनएचएआई ने पहले से ही कुछ स्थानों पर लाइनें डाली हुई हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इंटरनल गलियों की सीवर लाइनों को मुख्य ट्रंक लाइन से इस तरह जोड़ा जाए कि बारिश का पानी और सीवेज आपस में मिक्स न हो और ड्रेनेज सिस्टम पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि खुले मैनहोल और ड्रेनेज पॉइंट्स पर जालियां लगाए। साथ ही, उन्होंने आरओबी के पास और डिस्पोजल पॉइंट्स पर नए टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा कर कार्य शुरू करने के आदेश दिए।

