-मानसून तैयारियों, जल निकासी व्यवस्था और वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा
-प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष जनकल्याण शिविर आयोजित होंगे
Faridabad/Alive News : भारत सरकार में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री Krishan Pal Gurjar ने कहा है कि फरीदाबाद को जलभराव मुक्त, हरित और सुगम शहर बनाने के लिए प्रशासन एवं सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी नालों, ड्रेनों और जल निकासी मार्गों को पूरी तरह कार्यशील रखा जाए, ताकि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में जल निकासी व्यवस्था, मानसून तैयारियों और वृक्षारोपण अभियान की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में Ayush Sinha, Dhirendra Khadgata, P. C. Meena, Saloni Sharma तथा Anjali Shrotriya सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान सेक्टर-21, सैनिक कॉलोनी, लकड़पुर, प्याली, भड़कल और अन्य क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जल निकासी व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी अतिरिक्त प्रयासों की जरूरत है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव की समस्या वाले सभी चिन्हित स्थानों की नियमित निगरानी की जाए और शिकायत मिलने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पुराने एवं क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत तथा आवश्यकतानुसार नए नालों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता देने को कहा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शहर में यातायात सुगमता बढ़ाने के लिए सड़क सुधार, सर्विस रोड, यू-टर्न और वैकल्पिक मार्गों के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में विभिन्न प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों की डिजाइन तैयार हो चुकी है और उपयोगिताओं के स्थानांतरण के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि फरीदाबाद को हरित और स्वच्छ शहर बनाने के लिए इस वर्ष बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्य मार्गों, ग्रीन बेल्ट, संस्थागत क्षेत्रों और सरकारी भूमि पर व्यापक पौधारोपण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लगाए गए पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी और ठेकेदार की होगी। यदि पौधे नष्ट होते हैं तो उनकी पुनः रोपाई कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को कम से कम तीन वर्षों तक पौधों के रखरखाव की प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, पंचायतों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आगामी 17 सितंबर को Narendra Modi के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में दिव्यांगजनों के लिए विशेष जनकल्याण कार्यक्रम और शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभी से पात्र लाभार्थियों की पहचान, सर्वेक्षण और सत्यापन का कार्य शुरू किया जाए। विशेष रूप से 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, पार्षदों, आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकायों के सहयोग से अधिक से अधिक पात्र लोगों को इन विशेष शिविरों से जोड़ा जाए।

