Faridabad/Alive News : बच्चों से संबंधित मामलों की जांच को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और कानून के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से फरीदाबाद पुलिस द्वारा शनिवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय सभागार में जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट-2015 विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेजे बोर्ड की सहायक जिला न्यायवादी गार्गी नरेश ने पुलिस अधिकारियों और अनुसंधान अधिकारियों को बाल अधिकारों तथा कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य बाल अपराधियों और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस अधिकारियों को कानून की सही जानकारी देकर जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था।
सेमिनार को संबोधित करते हुए गार्गी नरेश ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट-2015 बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि किसी भी बालक या किशोर की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है और सभी अधिकारियों को इस संबंध में निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
सेमिनार के दौरान अनुसंधान अधिकारियों द्वारा बाल मामलों की जांच में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और प्रक्रिया संबंधी कमियों पर भी चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी किशोर से जुड़े मामले में उसकी सही आयु का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त किए जाने चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर ओसिफिकेशन टेस्ट भी कराया जा सकता है।
अधिकारियों को बताया गया कि किसी भी बच्चे से पूछताछ के दौरान पुलिस कर्मचारी वर्दी में नहीं होंगे। पूछताछ केवल माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति में की जाएगी और बच्चे को थाने बुलाकर पूछताछ नहीं की जाएगी। इन प्रावधानों का उद्देश्य बच्चों के मानसिक और भावनात्मक अधिकारों की रक्षा करना है।
गार्गी नरेश ने जेजे बोर्ड की कार्यप्रणाली, किशोर न्याय प्रणाली, बाल संरक्षण उपायों, बाल अधिकारों और पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जेजे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रत्येक अनुसंधान अधिकारी की जिम्मेदारी है।
एसीपी एनआईटी एवं नोडल अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस ने जिले के प्रत्येक थाने में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस ऑफिसर (SJPO) नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों को बच्चों से जुड़े मामलों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मामलों का निपटारा कर सकें।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ाई जा सके और बच्चों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सेमिनार में Prateek Aggarwal, Uttam तथा Vinod Kumar सहित जिले के सभी थाना प्रबंधक, अपराध शाखा प्रभारी, अनुसंधान अधिकारी और अन्य पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।

