New Delhi/Alive News: दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप के मामले की जांच में पुलिस को फोरेंसिक जांच से अहम सबूत मिले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बस से छात्रा और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं। सीटों और स्टीयरिंग व्हील से भी फोरेंसिक सैंपल लिए गए हैं।
पुलिस ने बस के ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के कपड़े भी जब्त किए हैं। अब पुलिस DNA रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाकर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
4 अगस्त की रात की घटना
मामला 4 अगस्त की रात का बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा ग्रेटर नोएडा के परी चौक से स्लीपर बस में सवार हुई थी। करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद उसे कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया गया।
31 अगस्त को मामला सामने आने के बाद छात्रा ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, छात्रा परिवार में विवाद के बाद बिना बताए नोएडा में रहने वाले अपने कजिन के घर जाने के लिए निकली थी।
बस में दोनों आरोपियों पर रेप का आरोप
पुलिस के अनुसार, छात्रा मैनपुरी से निकलने के बाद बारिश और अंधेरे के बीच परी चौक पर उतर गई थी। नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करते समय एक खाली स्लीपर बस वहां से गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया।
आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे बस में बैठाया और बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। कुछ देर बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने पुलिस को बताया कि इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
बस की खिड़कियों पर पर्दे लगे होने के कारण अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देती थीं। आरोप है कि देर रात दोनों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए।
CCTV फुटेज से बस की पहचान
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बस के रूट और पहचान के लिए रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस ने बस को ट्रैक किया और ड्राइवर कुलदीप तथा कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया।
बस को भी कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, बस का नंबर UP-83 है और यह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में रजिस्टर्ड है।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद दोनों आरोपी उसे नोएडा के सूरजपुर की एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले गए थे। मरम्मत के बाद वे खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे। इसी दौरान परी चौक पर छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया था।
NHRC ने लिया स्वत: संज्ञान
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नरों तथा मैनपुरी के SP को नोटिस जारी किया है। तीनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

