जब भरत बोले, ये राज नहीं कंकर और पत्थर है
Faridabad/Alive News : ‘मुझे तो राज तेरा पापिन, विष के बराबर है, जिसे तु राज कहती हे वो कंकर और पत्थर है ’ यह संवाद जब जागृति रामलीला में गूंजे तो वास्तव में रामानंद सागर की रामायण की याद आ गयी। जिस तरह उस रामायण में कलाकारो ने अपनी कला को पूरी तरह से श्रीराम, […]

