Chandigarh/Alive News: पंजाब में सरकारी भर्तियों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती के बाद अब पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (PSRLM) के तहत होने वाली भर्ती प्रक्रिया पर भी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर समेत कुल 85 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई है।
यह मामला चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और अंकों के आवंटन से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती के नतीजे जारी करते समय उम्मीदवारों को कुल अंक तो बताए गए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें इंटरव्यू, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के लिए कितने-कितने अंक दिए गए।
जनवरी में शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया
PSRLM की इन भर्तियों के लिए प्रक्रिया जनवरी में शुरू हुई थी और फरवरी में परिणाम घोषित किए गए थे। चयन प्रक्रिया में कुल 100 अंक निर्धारित किए गए थे। इनमें 70 अंक लिखित परीक्षा, 10 अंक इंटरव्यू, 10 अंक शैक्षणिक योग्यता और 10 अंक अनुभव के लिए रखे गए थे।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परिणाम में केवल कुल अंक बताए गए, जबकि बाकी 30 अंकों का उम्मीदवारवार विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे।
हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड किया तलब
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पूरा रिकॉर्ड तलब किया। इसके बाद वकीलों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई, जिसने उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की।
कमेटी की जांच में अंकों के आवंटन में कथित अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने का आदेश दिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। तब तक 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।
भर्ती प्रक्रिया पर बढ़े सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद पंजाब में सरकारी भर्तियों की चयन प्रक्रिया, पारदर्शिता और उम्मीदवारों को दिए जाने वाले अंकों की जानकारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर 2 सितंबर को होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई पर है।

