August 14, 2026

पाकिस्तान के PM शहबाज की भारत को धमकी, बोले- पानी रोका तो देंगे मुंहतोड़ जवाब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को चेतावनी दी

International/Alive News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर पानी रोकने या उसका प्रवाह कम करने की कोशिश की गई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।

गुरुवार को इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का रुख कभी नहीं बदलेगा। उन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ की और दावा किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को हराया।

क्या है सिंधु जल समझौता?

सिंधु जल समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी के बंटवारे से जुड़ा समझौता है। इस पर 19 सितंबर 1960 को भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों को दो हिस्सों में बांटा गया था।

  • भारत: रावी, ब्यास और सतलुज के पानी के इस्तेमाल का अधिकार।
  • पाकिस्तान: सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी का मुख्य अधिकार।

हालांकि, समझौते में दोनों देशों को एक-दूसरे की नदियों के पानी के सीमित उपयोग की भी अनुमति दी गई है।

भारत ने अप्रैल 2025 में संधि निलंबित की

करीब 65 साल तक सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच लागू रहा। लेकिन अप्रैल 2025 में भारत ने इसे निलंबित करने का फैसला किया। इसके बाद से यह मुद्दा भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव का एक बड़ा कारण बना हुआ है।

भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई होने तक संधि पर रोक जारी रहेगी। दूसरी ओर, पाकिस्तान का दावा है कि भारत संधि को एकतरफा तरीके से निलंबित नहीं कर सकता और समझौता अभी भी कानूनी रूप से प्रभावी है।

पाकिस्तान में बढ़ रही पानी की चिंता

पाकिस्तान लंबे समय से पानी की कमी की समस्या से जूझ रहा है। उसकी कृषि और सिंचाई व्यवस्था काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर बढ़ता तनाव पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

सिंध और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में पानी की उपलब्धता को लेकर भी चिंताएं सामने आती रही हैं। पाकिस्तान के प्रमुख सिंचाई ढांचे में शामिल सुक्कुर बैराज के आसपास भी जल स्तर को लेकर चिंता जताई गई है।

पानी की कमी का असर कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। ऐसे में शहबाज शरीफ का ताजा बयान सिंधु जल समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को फिर सामने लाता है।