Noida/Alive News: शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब वाहन चालक तेजी से अपने वाहनों के पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक 2 लाख 82 हजार 391 पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। वहीं बिना पीयूसी वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5309 वाहनों के चालान कर 66 लाख 39 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पीयूसी सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं और उसमें मौजूद प्रदूषक तत्व, जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सरकार द्वारा तय सुरक्षित सीमा के भीतर हैं। यह प्रमाण पत्र पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले सभी निजी और कमर्शियल वाहनों की जांच के बाद जारी किया जाता है। नियमों के अनुसार प्रत्येक वाहन चालक को हर छह महीने में अपने वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट रिन्यू कराना अनिवार्य होता है। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होती है।
वहीं, बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाहन चलाने वालों पर संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और अन्य बीमा भी रिन्यू नहीं कराया जा सकता।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी माह में सबसे अधिक 99 हजार 996 वाहनों को पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए गए। इसके बाद फरवरी में 78 हजार 228, मार्च में 55 हजार 8 और अप्रैल में 49 हजार 159 वाहनों को प्रमाण पत्र दिए गए।
बिना पीयूसी सर्टिफिकेट पर कार्रवाई के दौरान जनवरी में 473 वाहनों के चालान कर 17 लाख 90 हजार रुपये वसूले गए। फरवरी में 4044 वाहनों के चालान कर 15 लाख रुपये, मार्च में 455 चालान कर 17 लाख 89 हजार रुपये और अप्रैल में 337 चालान कर 15 लाख 60 हजार रुपये वसूले गए।

