Faridabad/Alive News: प्रतापगढ़ स्थित कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। प्रतापगढ़ गांव और आसपास के सेक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर सकारात्मक बातचीत के बाद समाधान का भरोसा दिया गया।
बैठक में निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने ग्रामीणों को बताया कि नगर निगम का उद्देश्य प्रतापगढ़ क्षेत्र में कूड़े का ढेर लगाना नहीं है, बल्कि आने वाले ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग और निस्तारण करना है। उन्होंने कहा कि निगम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता मानकों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है।
निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि आगामी छह माह के भीतर प्रतापगढ़ में कूड़ा डाले जाने की प्रक्रिया को बंद करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी नए कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे किसी एक स्थान पर अधिक दबाव न पड़े।
ग्रामीणों ने खत्म किया धरना
निगम आयुक्त के आश्वासन के बाद प्रतापगढ़ में चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। निगम आयुक्त के निर्देश पर जॉइंट कमिश्नर अनिल यादव धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद कर निगम की योजना और आश्वासन से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों की बात पर सहमति जताते हुए धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। जॉइंट कमिश्नर अनिल यादव ने आश्वासन दिया कि प्रतापगढ़ प्लांट पर आने वाली कूड़ा गाड़ियां निर्धारित नियमों का पालन करेंगी, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में समिति की ओर से सुदेश कुमार डागर, सतपाल, पवन मोर, बलजीत कौशिक, हेमंत बरुआ और आशीष चिकारा मौजूद रहे।
वहीं नगर निगम की ओर से जॉइंट कमिश्नर अनिल यादव, चीफ इंजीनियर विवेक गिल, अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता मनदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

