July 2, 2026

शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 95.65 लाख की साइबर ठगी, खाताधारक गिरफ्तार

फरीदाबाद साइबर पुलिस ने शेयर मार्केट निवेश के नाम पर ₹95.65 लाख की ठगी के मामले में एक खाताधारक को गिरफ्तार किया।

Faridabad/Alive News: शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ₹95.65 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में थाना साइबर NIT पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक खाताधारक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ठगों ने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पीड़ित का विश्वास जीतकर बड़ी रकम हड़प ली।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, मामले में राहत अंसारी, निवासी गांव बंडौहरी, जिला गया (बिहार) को 1 जुलाई 2026 को गया से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी का बैंक खाता साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया था।

शिकायतकर्ता, जो चार्मवुड विलेज, सूरजकुंड का निवासी है, ने पुलिस को बताया कि 10 फरवरी 2026 को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप संदेश आया। संदेश भेजने वाले ने खुद को एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी की सहायक बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश का प्रस्ताव दिया। इसके बाद उसे कंपनी के नाम से बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोजाना शेयर खरीदने और बेचने की सलाह दी जाती थी।

ठगों ने कंपनी का लोगो, मालिक की तस्वीर और एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीत लिया। इसके बाद एक लिंक के जरिए उसकी निवेश आईडी बनाई गई। शिकायतकर्ता ने 12 फरवरी से 16 मार्च 2026 के बीच 10 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल ₹95.65 लाख निवेश कर दिए। जब उसने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद थाना साइबर NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

पूछताछ में आरोपी राहत अंसारी ने बताया कि उसने अपने गांव के एक व्यक्ति के कहने पर कोलकाता जाकर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। उसे करीब 10 दिनों तक कोलकाता में रखा गया। इस दौरान उसके खाते में ठगी की रकम आने के बाद उसे अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के बैंक खाते में ठगी के ₹10 लाख जमा हुए थे। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।