कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे मंत्री राजेश नागर, 14 में से 9 मामलों का मौके पर निपटारा ; अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
Bhiwani/Alive News : स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राजेश नागर ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में कुल 14 परिवादों की सुनवाई की गई, जिनमें से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि 5 को अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
मामला रफा-दफा करने पर आयुष्मान नोडल अधिकारी सस्पेंड
सुनवाई के दौरान आयुष्मान पैनल के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का मामला सामने आया। मरीज ने शिकायत की कि स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान नोडल अधिकारी उन पर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बना रहे हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मंत्री राजेश नागर ने नोडल अधिकारी को तुरंत सस्पेंड करने के निर्देश दिए। साथ ही इस मामले की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), सिविल सर्जन और कष्ट निवारण समिति की दो महिला गैर-सरकारी सदस्यों की एक कमेटी गठित कर अस्पताल का आयुष्मान लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए।
सीवरेज और पेयजल संकट पर सख्त हिदायत
स्वच्छ पेयजल: मंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को नागरिकों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नागरिकों की पेयजल संबंधी शिकायतों के फोन जरूर उठाएं और त्वरित कार्रवाई करें।
सीवरेज ठप होने पर कमेटी गठित: भिवानी निवासी भगवानदास की सीवरेज ठप होने की शिकायत पर मंत्री ने गैर-सरकारी सदस्यों की एक कमेटी बनाई, जो 15 दिन में रिपोर्ट देगी।
प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई: औद्योगिक क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रदूषण फैलाने वालों के चालान काटने को कहा।
राशन वितरण: मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख तक राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, प्रवर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, एसडीएम महेश कुमार, सीटीएम अनिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी और कष्ट निवारण समिति के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

