Faridabad/Alive News: जिले में मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी से जूझ रहे मरीजों के इलाज को नियमित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहल की है। अब ऐसे मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने और उनके उपचार की निगरानी की जिम्मेदारी जीव दया फाउंडेशन संभालेगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग और फाउंडेशन के बीच समझौता हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल एमडीआर टीबी के करीब 280 मरीज हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार एमडीआर टीबी के मरीजों के लिए निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन बेहद जरूरी होता है। उपचार के दौरान दवा बीच में छूटने से इलाज प्रभावित हो सकता है और बीमारी के गंभीर होने का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने और उनके उपचार की नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। समझौते के तहत जीव दया फाउंडेशन की टीम एमडीआर टीबी मरीजों के संपर्क में रहेगी। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि मरीजों को निर्धारित दवाएं समय पर मिल रही हैं और वे नियमित रूप से दवा ले रहे हैं या नहीं। इसके अलावा समय-समय पर मरीजों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
उपचार के दौरान किसी मरीज को दवा से संबंधित परेशानी या अन्य समस्या सामने आती है तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
विभाग भी रखेगा इलाज पर नजर
डॉ. हरजिंदर, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और फाउंडेशन के बीच हुए समझौते का उद्देश्य एमडीआर टीबी मरीजों का उपचार नियमित बनाए रखना और उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। विभाग की ओर से भी मरीजों के उपचार की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।

