September 4, 2026

फरीदाबाद में PHC के गेट पर डिलीवरी मामले की जांच, डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ की होगी जिम्मेदारी तय

फरीदाबाद धौज PHC के गेट पर महिला की डिलीवरी मामले की जांच

Faridabad/Alive News: गांव धौज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के मुख्य गेट पर गर्भवती महिला की डिलीवरी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी है। डिप्टी सिविल सर्जन के नेतृत्व में कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि महिला को अस्पताल के बाहर प्रसव कराने की स्थिति क्यों बनी और उस समय PHC का मुख्य गेट बंद क्यों था।

जांच में यह भी देखा जाएगा कि घटना के समय डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कहां थे और महिला को समय पर इलाज क्यों नहीं मिल पाया। अगर जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मामला सामने आने के बाद मुख्य सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने धौज PHC के एएसएमओ डॉ. राजेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में गेट बंद होने, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की गैरमौजूदगी और महिला की PHC के बाहर डिलीवरी होने को लेकर जवाब मांगा गया था।

2 दिन तक सोशल मीडिया पर वायरल रहा वीडियो

जानकारी के मुताबिक, धौज निवासी मोसिम खान 30 अगस्त को अपनी गर्भवती पत्नी नूरजहां खान को डिलीवरी के लिए PHC लेकर पहुंचे थे। मोसिम का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा था। उन्होंने आसपास डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को तलाश किया, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला।

इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती गई। काफी देर तक मदद नहीं मिलने पर उसने PHC के मुख्य गेट के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना का वीडियो करीब दो दिन तक सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा।

चपरासी ने खुलवाया गेट, बाद में पहुंचा नर्सिंग स्टाफ

परिजनों के अनुसार, बाद में किसी तरह एक चपरासी को बुलाया गया। उसके जरिए PHC का गेट खुलवाया गया और जच्चा-बच्चा को अंदर वार्ड में ले जाया गया।

मोसिम का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद भी करीब एक घंटे तक नर्सिंग स्टाफ मौके पर नहीं पहुंचा। स्टाफ के पहुंचने के बाद महिला और बच्चे की जांच तथा देखभाल शुरू की गई।

सेक्टर-3 में भी सामने आया था ऐसा मामला

कुछ महीने पहले फरीदाबाद के सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य केंद्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। परिजन गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए केंद्र लेकर पहुंचे थे, लेकिन गेट अंदर से बंद था और परिसर में अंधेरा था।

परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने टॉर्च की रोशनी में ही महिला की डिलीवरी कराई थी।

शिकायत के बाद कर्मचारी की सेवाएं खत्म की गई थीं

इस मामले की शिकायत परिजनों ने सीएमओ कार्यालय में की थी। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध पर काम कर रहे एक कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। हालांकि कर्मचारी यूनियन के दबाव और संबंधित कर्मचारी की ओर से माफी मांगने के बाद उसकी सेवाएं दोबारा बहाल कर दी गई थीं।

अब धौज PHC मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि महिला को समय पर स्वास्थ्य सुविधा क्यों नहीं मिली और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।