Faridabad/Alive News: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तीन अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में सोलर पैनल लगाने के नाम पर ठगी, बैंक खाते से रकम निकलने और ठगी की रकम के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के मामले शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त को साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीमों ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों में ठगी की रकम पहुंची थी या उन्होंने ठगी के लिए खातों का इस्तेमाल कराया था।
सोलर पैनल लगाने के नाम पर 4.47 लाख की ठगी
पहले मामले में एक व्यक्ति ने 20 जुलाई को साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी। उसने बताया कि वह घर पर सोलर पैनल लगवाने के लिए ऑनलाइन जानकारी खोज रहा था। इसी दौरान संपर्क में आए व्यक्ति ने सोलर पैनल लगाने के नाम पर उससे 4,47,888 रुपये ले लिए, लेकिन पैनल नहीं लगाया।
पुलिस ने मामले में अमन कुमार निवासी विश्वकर्मा नगर, झिलमिल कॉलोनी, दिल्ली को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अमन सोलर पैनल बेचने का काम करता था। शिकायतकर्ता से पैसे लेने के बाद उसने सोलर पैनल नहीं लगाया। ठगी की रकम उसने अपनी बहन के बैंक खाते में जमा करवाई थी और उस खाते में उसका मोबाइल नंबर भी रजिस्टर्ड था। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
खाते से 1.13 लाख रुपये कटने के मामले में खाताधारक गिरफ्तार
दूसरे मामले में एक महिला ने शिकायत दी कि 24 जुलाई को उसका फोन अचानक हैक हो गया और उसके बैंक खाते से 1,13,000 रुपये निकल गए। शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने मामले में मनोज निवासी गांव भोड़वा, जिला नागौर, राजस्थान, हाल मेघवालियों की ढाणी, गांव रैमलवाड़ा, जोधपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह उस बैंक खाते का खाताधारक है, जिसमें ठगी की रकम में से 93,000 रुपये आए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
89,900 रुपये की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
तीसरे मामले में सेक्टर-9 फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 22 अगस्त को उसके बैंक खाते से उसकी जानकारी के बिना 89,900 रुपये निकाल लिए गए। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने जांच के बाद आकाश माहौर और आशुतोष रतनाकर उर्फ भूरा, दोनों निवासी काशीपुर, नई बस्ती बदोखर, जिला मुरैना, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी पड़ोसी हैं। आशुतोष ने आकाश का बैंक खाता लेकर उसे आगे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इसी खाते में ठगी की 89,900 रुपये की रकम पहुंची थी। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

