Faridabad/Alive News: जिले में अपराध पर नियंत्रण और जघन्य अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फरीदाबाद पुलिस ने क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल के तहत बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 617 जघन्य अपराधियों का भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जा चुका है। पुलिस द्वारा तैयार डिजिटल डेटाबेस के जरिए इन अपराधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
हरियाणा पुलिस के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य आदतन और संगठित अपराधियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना है, ताकि अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
डीसीपी क्राइम राजेश कुमार मोहन के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए क्राइम इंटेलिजेंस डेटाबेस नामक आधुनिक प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत पिछले 10 वर्षों के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, स्नैचिंग, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में शामिल लोगों का विस्तृत रिकॉर्ड बनाया गया है।
फरीदाबाद जिले में ऐसे कुल 3499 अपराधियों की पहचान की गई है। इन सभी का रिकॉर्ड थाना स्तर पर संबंधित पुलिस टीमों को दिया गया है। पुलिस टीमें इनके घरों और संभावित ठिकानों पर पहुंचकर सत्यापन कर रही हैं और उनकी मौजूदा गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस के अनुसार, 16 जून तक 617 अपराधियों की जांच की गई। इनमें से 408 अपराधी अपने घरों पर मिले, जबकि 68 अपराधी विभिन्न जेलों में बंद पाए गए। इसके अलावा 17 अपराधियों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 124 अपराधियों की तलाश और निगरानी के लिए क्राइम ब्रांच की टीमें अलग से कार्रवाई कर रही हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि पिछले एक महीने में फरीदाबाद पुलिस ने ऐसे संगीन अपराधों में शामिल 3 अपराधियों को मुठभेड़ के बाद काबू किया, जबकि 12 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल यह प्रोजेक्ट हरियाणा के चार जिलों रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद में लागू है। इन जिलों के कुल 10,892 जघन्य अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है।
इस डेटाबेस में अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड, निवास संबंधी जानकारी, गतिविधियां और अन्य महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इस तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से कानून व्यवस्था और मजबूत होगी तथा अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ेगा।

