October 15, 2026

मूली का आकार बढ़ने पर बीज कंपनी पर जुर्माना, किसान को मिलेगा ₹50 हजार मुआवजा

फरीदाबाद में हाइब्रिड बीज से उगी बड़ी मूली के मामले में किसान को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश।

Faridabad/Alive news: हाइब्रिड बीज से उगी मूली का आकार किसान के लिए नुकसान का कारण बन गया। मूली की जड़ें सामान्य से काफी बड़ी होने के कारण किसान को बाजार में उचित भाव नहीं मिला। इसके बाद किसान ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने बीज निर्माता कंपनी टाइकून सीडटेक प्राइवेट लिमिटेड को किसान को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कंपनी को आदेश की प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर भुगतान करना होगा।

जानकारी के अनुसार, गांव अरुआ निवासी किसान रामेश्वर ने 3 नवंबर 2023 को बल्लभगढ़ स्थित भारत बीज भंडार से एफ-1 हाइब्रिड एवोरी व्हाइट मूली के बीज खरीदे थे। किसान ने 300 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बीज के 8 पैकेट खरीदे थे।

रामेश्वर के अनुसार, उसने कंपनी के दावों पर भरोसा करके खेत में मूली की बुवाई की थी। फसल तैयार हुई तो मूली की जड़ें सामान्य से काफी बड़ी निकलीं। इसके कारण बाजार में मूली बेचने के दौरान उसे उचित दाम नहीं मिल सके और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

सर्वे रिपोर्ट में सामने आया मूली का आकार

मामले की सर्वे रिपोर्ट में मूली के पौधों और जड़ों के आकार का विवरण दर्ज किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पौधों की लंबाई 60 से 100 सेंटीमीटर, जड़ों की लंबाई 40 से 50 सेंटीमीटर और मोटाई 8 से 10 सेंटीमीटर तक पाई गई।

आयोग ने रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों पर विचार किया। मामले में मूली का आकार सामान्य बाजार में बिकने वाली मूली से लगभग दोगुना बताया गया। इससे उसकी बिक्री और मिलने वाले भाव पर असर पड़ा।

किसान रामेश्वर ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत देकर कुल 3.22 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी। इसमें फसल के नुकसान के लिए 2 लाख रुपये, मानसिक परेशानी के लिए 1 लाख रुपये और मुकदमे पर खर्च हुए 22 हजार रुपये शामिल थे।

किसान ने अपनी शिकायत में बीज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद बीज की गुणवत्ता में कमी की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया।

कंपनी को 30 दिन में देने होंगे 50 हजार रुपये

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीज निर्माता कंपनी टाइकून सीडटेक प्राइवेट लिमिटेड को किसान को 50 हजार रुपये का एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश दिया है। कंपनी को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर राशि का भुगतान करना होगा।

हालांकि, आयोग ने किसान की ओर से मांगे गए मुकदमे के खर्च के लिए अलग से कोई राशि देने का आदेश नहीं दिया।