August 19, 2026

स्कूलों में सीमित हो रहा डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल, स्क्रीन टाइम घटाने की पहल

Faridabad/Alive News: जिले के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, ई-क्लास और कंप्यूटर के साथ घर पर मोबाइल से होमवर्क व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के चलते स्टूडेंट का स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है। इसे कम करने के लिए नोएडा की तर्ज पर फरीदाबाद के कुछ प्राइवेट स्कूलों ने भी डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल को सीमित करने की पहल शुरू की है। स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड का जरूरत के अनुसार ही उपयोग करने और मोबाइल के बजाय किताबों से होमवर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सेंट कोलंबस स्कूल के अशोक ने बताया कि स्कूल में प्रत्येक पीरियड 40 मिनट का होता है। कुछ क्लास में स्मार्ट बोर्ड का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कुछ में सामान्य बोर्ड पर ही होती हैं। स्कूल में ऑनलाइन क्लास नहीं होती हैं। लेकिन अब स्मार्ट बोर्ड का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही किया जा रहा है, ताकि  स्टूडेंटकी आंखों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। उन्होंने बताया कि स्कूल में स्क्रीन टाइम कम रखने का प्रयास काफी समय से किया जा रहा है।
सेक्टर-14 स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल अनीता गौतम ने कहा कि स्कूल में डिजिटल उपकरणों का सीमित उपयोग किया जा रहा है। जरूरी और प्रैक्टिकल को समझाने के लिए ही स्मार्ट बोर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान बोर्ड को स्टूडेंटकी आंखों से उचित दूरी पर रखने का भी ध्यान रखा जाता है। कंप्यूटर की क्लास भी रोजाना नहीं होती। जब कंप्यूटर की क्लासहोती है तो अब कुछ चीजें बोर्ड पर समझाई जा रही है और कुछ कंप्यूटर के माध्यम से।
सेक्टर-16 स्थित ग्रैंड कोलंबस इंटरनेशनल स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेंद्र चंद्र ने कहा कि सरकार की ओर से एआई को बढ़ावा दिया जा रहा है और स्कूलों में इसे पढ़ाने के निर्देश हैं। ऐसे में डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है। स्कूलों में सामान्य तौर पर 40 से 45 मिनट का पीरियड होता है और कई विषयों को समझाने के लिए डिजिटल बोर्ड का उपयोग किया जाता है। हालांकि, स्कूल में इसका इस्तेमाल लगातार कम करने का प्रयास किया जा रहा है।  उन्होंने बताया कि स्टूडेंट को मोबाइल से होमवर्क करने के बजाय किताबों से पढ़कर काम पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।