Faridabad/Alive News: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की ‘परिवर्तन योजना’ लागू की गई है। योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत बीएस-IV या इससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले व्यावसायिक ट्रक और बसों को बीएस-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने पर वाहन मालिकों को कई वित्तीय लाभ दिए जाएंगे।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, फरीदाबाद के सचिव ने बताया कि पात्र वाहन मालिकों को नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक की छूट और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट मिल सकती है। इसके अलावा वाहन ऋण पर पांच साल तक 5 प्रतिशत ब्याज सहायता और योजना में शामिल वाहन निर्माताओं की ओर से नए वाहन के एक्स-शोरूम मूल्य पर 8 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।
योजना के तहत बीएस-VI डीजल या सीएनजी वाहन खरीदने वाले पात्र लाभार्थियों को वाहन की श्रेणी के अनुसार पांच साल तक हर महीने 1,200 से 4,800 रुपये तक के ईंधन वाउचर दिए जाएंगे। वहीं इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहन खरीदने पर श्रेणी के अनुसार 64 हजार से 2.56 लाख रुपये तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता मिल सकती है। पात्र प्रयुक्त बीएस-VI वाहनों की खरीद पर भी निर्धारित शर्तों के अनुसार कर और अन्य वित्तीय लाभ उपलब्ध होंगे।
उन्होंने बताया कि बीएस-III और उससे पुराने पात्र वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में स्क्रैप करवाना जरूरी होगा। पात्र बीएस-IV वाहनों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार स्क्रैप किया जा सकता है या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहर अथवा कस्बे में बेचा जा सकता है। इसके बाद योजना का लाभ लेने के लिए एनसीआर क्षेत्र में बीएस-VI या उससे उच्च मानक वाला वाहन अथवा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर पंजीकृत करवाना होगा।
योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। पात्र वाहन मालिक परिवहन परिवर्तन पोर्टल पर वाहन की पात्रता जांचने, पंजीकरण कराने, प्रोत्साहन के लिए आवेदन करने और आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
आरटीए सचिव ने जिले के पात्र ट्रक और बस मालिकों तथा परिवहन संगठनों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को आधुनिक एवं स्वच्छ वाहनों से बदलने से वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी।

