Noida/Alive News : शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने करोड़ों रुपये खर्च कर करीब 100 ई-बसों का संचालन शुरू किया है। इन बसों के जरिए लोगों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प देने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। अलाइव पड़ताल में सामने आया कि कई ई-बस चालक निर्धारित बस स्टॉप पर बस नहीं रोक रहे हैं, जबकि कुछ बसें स्टॉप से काफी आगे जाकर रुकती हैं। इससे यात्रियों को बस पकड़ने में परेशानी हो रही है और वे मजबूरी में ऑटो का सहारा ले रहे हैं।
मोरना डिपो पर एक घंटे तक नहीं मिली बस
सोमवार दोपहर करीब एक बजे से दो बजे के बीच मोरना बस डिपो पर पड़ताल के दौरान चार मूर्ति के लिए एक भी ई-बसें नहीं पहुंचीं। जो बसें आईं, उनमें कई दूसरे रूट की थीं। वहीं कुछ बस चालक निर्धारित स्टॉप से आगे जाकर बस रोकते दिखाई दिए। इससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोगों ने दस रुपये अतिरिक्त खर्च कर ऑटो से चार मूर्ति जाना ज्यादा बेहतर समझा।
यात्रियों ने जताई नाराजगी
ई – बस का इंतजार कर रहे यात्रियों का कहना था कि जब बसें समय पर और सही स्थान पर नहीं रुकेंगी तो लोग उनका उपयोग कैसे करेंगे। एक घंटे तक बस का इंतजार करने से अच्छा है कि ऑटो से सफर कर लिया जाए। इससे समय की बचत होती है और निश्चित स्थान तक समय पर पहुंचा जा सकता है।
चालकों का दावा, स्टॉप पर रोक रहे बस
दूसरी ओर कुछ ई-बस चालकों का कहना है कि यह ई – बस सेवा शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी भी यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है। उनका दावा है कि वे सभी निर्धारित स्टॉप पर बस रोक रहे हैं, इसके बावजूद लोग ऑटो से यात्रा करना पसंद कर रहे हैं।
डिपो में जगह की कमी से बढ़ी अव्यवस्था
पड़ताल में यह भी सामने आया कि ई-बसों की संख्या बढ़ने के साथ मोरना बस डिपो में पार्किंग और संचालन के लिए जगह कम पड़ रही है। कई चालक ई – बसों को बीच रास्ते में खड़ा कर रहे हैं, जिससे रोडवेज बसों के आवागमन में दिक्कत हो रही है। वहीं चार्जिंग के लिए आने वाली ई-बसों को भी खड़ा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परी चौक रूट पर चलने वाली रोडवेज और ई-बसों के चालकों के बीच भी टकराव जैसी स्थिति देखने को मिली। रोज उनके बीच में सवारियों को लेकर झड़े हो रहे है।
बिना यूनिफॉर्म के ड्यूटी पर चालक
ई-बस सेवा में तैनात कई चालक बिना निर्धारित यूनिफॉर्म के ड्यूटी करते नजर आए। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार चालक और परिचालक को ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी पहनना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई चालक सामान्य कपड़ों में बस संचालन करते दिखे, जिससे नियमों के अनुपालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

