Faridabad/Alive News: 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में इस बार बच्चों से लेकर बड़ों तक के आकर्षण का केंद्र एक अनोखा जीन बना हुआ है। चिराग से बाहर निकलकर अपने आका को ढूंढता आया जीन मेले में आने वाले पर्यटकों का खास ध्यान खींच रहा है। जीन की जीवंत प्रस्तुति और अनोखे अंदाज ने मेले के माहौल में रोमांच भर दिया है, वहीं बच्चे इसे देखकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे है।
राजस्थान निवासी नागोरी इस मेले में गुलमान जीन की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके लिए मेले में आने वाला हर पर्यटक चाहे देसी हो या विदेशी उनका आका है। उनका सबसे चर्चित तकिया कलाम “क्या हुक्म है मेरे आका” लोगों को खूब पसंद आ रहा है। नागोरी ने बताया कि वह हर साल सूरजकुंड मेले में आते हैं और हर उम्र के दर्शकों का मनोरंजन करते हैं।
उन्होंने कहा कि गुलमान जीन का यह अवतार धारण करना आसान नहीं है। चेहरे पर किया जाने वाला विशेष मेकअप कई बार आंखों की रोशनी के लिए भी खतरा बन सकता है। घंटों तक मेकअप करना और फिर पूरे दिन लोगों का मनोरंजन करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन जब पर्यटक उनके साथ फोटो खिंचवाते हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है।
नागोरी का कहना है कि इस साल मेले में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अभी पर्यटकों की संख्या कम है, हालांकि मेले को अभी कुछ ही दिन हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ेगी। फिलहाल वह 15 तारीख तक सूरजकुंड मेले में ही पर्यटकों का मनोरंजन करेंगे। इसके बाद यदि किसी अन्य कार्यक्रम से आमंत्रण मिलता है तो वहां जाएंगे, अन्यथा घर लौटेंगे।
उन्होंने बताया कि उनके पास कोई स्थायी नौकरी नहीं है और वह पूरी तरह इसी बहरूपिया कला पर निर्भर हैं। सरकार से उन्होंने मांग की कि ऐसे कलाकारों को अधिक से अधिक मनोरंजन कार्यक्रमों में अवसर दिए जाएं, ताकि उनकी आजीविका चल सके और यह पारंपरिक कला, जो कहीं न कहीं लुप्त होती जा रही है, उसे प्रोत्साहन मिल सके। मेले में भले ही जीन के आका कम आ रहे हों, लेकिन जो भी आ रहे हैं, वे जीन के साथ फोटो खिंचवाकर उसे बेहद खुश कर रहे हैं।
क्या होता है जीन
जीन मुख्य रूप से अरेबियन लोककथाओं और कहानियों जैसे अलादीन का एक काल्पनिक अलौकिक प्राणी माना जाता है। यह आमतौर पर चिराग या अंगूठी में कैद होता है और अपने मालिक की आज्ञा का पालन करने व उसकी इच्छाएं पूरी करने के लिए बाध्य होता है। कथाओं के अनुसार, जीन जादुई शक्तियों से युक्त होते हैं, अग्नि (धुआं रहित आग) से बने होते हैं और इंसानों से पहले रचे गए थे। वे अदृश्य होने और रूप बदलने में भी सक्षम माने जाते हैं।

