June 6, 2026

सड़क पर महिलाओं की मौजूदगी अब भी कम, पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में

Noida/Alive News: महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सड़क परिवहन के क्षेत्र में उनकी भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। परिवहन विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने काफी कम संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए हैं।
जनवरी से मई 2026 तक कुल 8,763 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किए, जिनमें 7,202 पुरुष और केवल 1,561 महिलाएं शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 386 महिलाओं के मुकाबले 1,764 पुरुषों ने लाइसेंस हासिल किया। फरवरी में 305 महिलाओं और 1,406 पुरुषों, मार्च में 214 महिलाओं और 1,182 पुरुषों, अप्रैल में 338 महिलाओं और 1,459 पुरुषों तथा मई में 318 महिलाओं के मुकाबले 1,391 पुरुषों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया।
आंकड़े बताते हैं कि लाइसेंस धारकों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से कई गुना अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सामाजिक सोच, पारिवारिक प्राथमिकताएं, सड़क सुरक्षा को लेकर आशंकाएं तथा ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित पहुंच जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं।
हालांकि, बदलती जीवनशैली और बढ़ती रोजगार संभावनाओं के चलते महिलाओं में वाहन चलाने की रुचि पहले की तुलना में बढ़ी है। नौकरीपेशा और उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाओं के बीच स्वयं वाहन चलाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी सार्वजनिक परिवहन या परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं को वाहन संचालन के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे आने वाले वर्षों में महिला ड्राइवरों और लाइसेंस धारकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।