March 16, 2026

जानिये, कब से मनाया जाता है पर्पल डे

”वर्ल्ड पर्पल डे” दुनिया भर में इस दिवस को मनाने के पीछे एक ही मकसद है, मिर्गी (Epilepsy) के प्रति लोगों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता फैलाना, इसलिए आज के दिन यानी 26 मार्च को प्रत्येक वर्ष इस बीमारी के प्रति लोगों को अवेयर करने के लिए ”पर्पल डे” (Purple Day) के तौर पर मनाया जाता है। इसे Epilepsy Awareness Day भी कहते हैं।

दुनिया भर के देशों में लोगों को मिर्गी के प्रति जागरूक करने के समर्थन में बैंगनी रंग के कपड़े पहनने और मेजबान कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। 9 वर्षीय कैनेडियन कैसिडी मेगन ने मिर्गी (Epilepsy) से जुड़े अपने संघर्षों से प्रेरित होकर वर्ष 2008 में ”पर्पल डे” मनाने को लेकर आइडिया डेवलप किया, ताकि मिर्गी से जुड़े मिथकों को दूर किया जाए और इस बीमारी से पीड़ित लोगों को यह बताया जाए कि वे दुनिया में अकेले नहीं हैं।

कैसिडी ने इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया। 26 मार्च 2008 को पहली बार बैगनी दिवस यानी पर्पल डे (Purple Day) आयोजित किया गया। इस दिन लोगों को बैगनी रंग का कपड़ा पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कैसिडी के विचार को आगे बढ़ाने के लिए 2008 में नोवा स्कोटिया के एपिलेप्सी एसोसिएशन ने प्रस्ताव रखा, जिसे आज एपिलेप्सी कैंपेन के लिए ”पर्पल डे” के नाम से जाना जाता है।9 वर्षीय कैनेडियन कैसिडी मेगन ने मिर्गी (Epilepsy) से जुड़े अपने संघर्षों से प्रेरित होकर वर्ष 2008 में ”पर्पल डे” मनाने को लेकर आइडिया डेवलप किया, ताकि मिर्गी से जुड़े मिथकों को दूर किया जाए और इस बीमारी से पीड़ित लोगों को यह बताया जाए कि वे दुनिया में अकेले नहीं हैं।

कैसिडी ने इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया। 26 मार्च 2008 को पहली बार बैगनी दिवस यानी पर्पल डे (Purple Day) आयोजित किया गया। इस दिन लोगों को बैगनी रंग का कपड़ा पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कैसिडी के विचार को आगे बढ़ाने के लिए 2008 में नोवा स्कोटिया के एपिलेप्सी एसोसिएशन ने प्रस्ताव रखा, जिसे आज एपिलेप्सी कैंपेन के लिए ”पर्पल डे” के नाम से जाना जाता है।