Tel Aviv/Tehran/Washington D.C. : ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास धमाकों और अमेरिकी विमानों के गिराए जाने के दावों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।

- बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास धमाका
शनिवार को ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या गोला) गिरा। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, इस हमले में प्लांट की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड की मौत हो गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मुख्य प्लांट सुरक्षित है और रेडिएशन के स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। - इजराइल की ‘आर्थिक कमर’ पर चोट
इजराइली वायुसेना ने ईरान के महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन को निशाना बनाया है।
नुकसान: हमले में कम से कम 3 प्रमुख कंपनियों के संयंत्र तबाह हो गए हैं।
पुष्टि: इजराइली सुरक्षा सूत्रों ने इस स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए इसे ईरान की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार बताया है।
- अमेरिकी विमानों पर ईरानी दावा और पायलट का शिकार
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के F-35 (या F-15E) और A-10 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है।
इनाम की घोषणा : ईरानी सरकारी मीडिया ने घोषणा की है कि जो भी नागरिक अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सेना को सौंपेगा, उसे 10 बिलियन ईरानी तोमान (करीब 55 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा।
तलाश जारी: खबरों के अनुसार, एक पायलट को अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने बचा लिया है, जबकि दूसरे (वेपन्स सिस्टम ऑफिसर) की तलाश में ईरान के नागरिक और सेना जुटे हुए हैं।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने NBC को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि वे इस घटना को युद्ध की सामान्य प्रक्रिया मानते हैं। उन्होंने कहा, “हम युद्ध में हैं। विमान गिराए जाने से ईरान के साथ चल रही बैक-चैनल बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
| क्षेत्र | घटना | परिणाम |
| बुशहर | न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला | 1 सुरक्षाकर्मी की मौत, प्लांट सुरक्षित |
| महशहर | पेट्रोकेमिकल जोन पर एयरस्ट्राइक | 3 कंपनियां तबाह, 5 लोग घायल |
| ईरानी आसमान | अमेरिकी F-15E/A-10 का क्रैश | पायलट की तलाश जारी, भारी तनाव |
| कूटनीति | ट्रम्प का ‘War’ मोड | शांति वार्ता में फिलहाल कोई प्रगति नहीं |
यह स्थिति तेजी से बदल रही है। ईरान और अमेरिका के बीच इस सीधी भिड़ंत ने खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की आशंका बढ़ा दी है।

