Faridabad/Alie News: बीके अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले करीब 19 दिनों से खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं की जांच व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अस्पताल में रोजाना करीब 40 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। मशीन खराब होने के चलते इन महिलाओं को जांच के लिए निजी अस्पतालों और लैब का रुख करना पड़ रहा है। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मशीन खराब होने के कारण पिछले कई दिनों से अस्पताल में यह सुविधा प्रभावित है। ऐसे में जिन महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत पड़ रही है, उन्हें बाहर से जांच करवानी पड़ रही है। निजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे खर्च करने के साथ अस्पताल से बाहर भी जाना पड़ रहा है।
मशीन की तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए शुक्रवार को संबंधित एजेंसी की टीम बीके अस्पताल पहुंची। कर्मचारियों ने मशीन की जांच करने के बाद उसे ठीक करने का काम शुरू किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार तकनीकी समस्या दूर होने के बाद जल्द ही जांच सुविधा सामान्य होने की उम्मीद है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सोमवार से अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड दोबारा शुरू किए जा सकेंगे। अल्ट्रासाउंड सुविधा दोबारा शुरू होने के बाद अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनका समय और अतिरिक्त जांच खर्च दोनों बच सकेंगे।
क्या कहना है प्रधान चिकित्सा अधिकारी का
अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या को देखते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन का जल्द ठीक होना जरूरी है। एजेंसी की टीम ने मशीन को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। सुविधा जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।
— डॉ. विकास गोयल, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी

