September 20, 2026

75 साल की उम्र में थामा पेन, दी परीक्षा, बुजुर्गों में दिखा पढ़ाई का उत्साह

Faridabad/Alive News: पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। इसका उदाहरण रविवार को जिले में हुई उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की परीक्षा में देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों पर 75 साल तक के बुजुर्ग भी परीक्षा देने पहुंचे। किसी ने पहली बार परीक्षा की कॉपी और पेन थामा तो कोई उम्र के इस पड़ाव में पढ़ाई का अपना पुराना सपना पूरा करने पहुंचा। बुजुर्गों में परीक्षा को लेकर खासा उत्साह दिखा। उनके चेहरे पर परीक्षा देने की खुशी भी साफ नजर आई।

जिलेभर में हुई इस परीक्षा में 750 से ज्यादा निरक्षर लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें कई ऐसे लोग थे, जो बचपन में स्कूल नहीं जा पाए थे। किसी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो किसी को घर की जिम्मेदारियों के चलते पढ़ाई छोड़नी पड़ी। अब उल्लास कार्यक्रम के तहत इन्हें पढ़ना-लिखना और जोड़-घटाव जैसी बुनियादी गणना सिखाई जा रही है।

पहली बार परीक्षा देने का अनुभव

परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे लोगों ने कार्यक्रम के दौरान सीखी चीजों के आधार पर सवालों के जवाब दिए। बुजुर्ग अभ्यर्थी भी पूरे उत्साह के साथ परीक्षा देते नजर आए। उनका कहना था कि बचपन में पढ़ाई का मौका नहीं मिल पाया, लेकिन मन में सीखने की इच्छा हमेशा रही। अब इस उम्र में पढ़ना-लिखना सीखकर उन्हें काफी खुशी हो रही है।

रोजमर्रा के काम में आएगा पढ़ना-लिखना

उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का मकसद उन लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो किसी वजह से स्कूल नहीं जा सके। कार्यक्रम के तहत उन्हें रोजमर्रा के काम में आने वाली जरूरी पढ़ाई और गणना सिखाई जाती है। परीक्षा में शामिल लोगों ने यह भी संदेश दिया कि पढ़ाई सिर्फ बच्चों के लिए नहीं है। सीखने की इच्छा हो तो किसी भी उम्र में पढ़ाई शुरू की जा सकती है।