July 4, 2026

नोएडा में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया आसान, दस्तावेज सत्यापन में नहीं करनी पड़ती भागदौड़

Noida/Alive News : लखनऊ में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को दस्तावेज सत्यापन के लिए दिनभर परिवहन कार्यालय में मौजूद रहना पड़ सकता है। वहीं नोएडा में लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पहले से ही काफी व्यवस्थित है। यहां दस्तावेजों की जांच, बायोमेट्रिक, फोटो और हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताएं कम समय में पूरी हो जाती हैं, जिससे आवेदकों को अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ती।

ग्रेटर नोएडा निवासी विनोद ने बताया कि वह स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दस्तावेजों की जांच और अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। पूरी प्रक्रिया करीब आधे घंटे में पूरी हो गई। अब उन्हें केवल ड्राइविंग टेस्ट देना है।

आरआई संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह ऑनलाइन जारी होता है, इसलिए इसमें एआरटीओ या आरटीओ कार्यालय की कोई भूमिका नहीं रहती। हालांकि, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को एआरटीओ कार्यालय आना पड़ता है। यहां बायोमेट्रिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, फोटो और हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को ड्राइविंग टेस्ट के लिए भेजा जाता है। पूरी प्रक्रिया में अधिक समय नहीं लगता।

उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में 30 से अधिक ड्राइविंग स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। सभी केंद्रों पर सेंसर आधारित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बने हैं। प्रत्येक आवेदक के ड्राइविंग टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है, ताकि उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और उसी के आधार पर पारदर्शी तरीके से पास या फेल का निर्णय लिया जा सके।

एडीटीसी में ऐसे होता है टेस्ट

उनका कहना है कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर (एडीटीसी) में चार चरणों में टेस्ट होता है। इसमें वाहन को आठ को आकार वाले ट्रैक पर निर्धारित समय में चलाना, 45 सेकंड में पार्किंग करना, 45 सेकंड में रिवर्स ड्राइविंग पूरी करना और 60 सेकंड के भीतर ढलान (इंक्लाइंड) पर वाहन चलाकर टेस्ट पूरा करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पहली बार में कुछ आवेदकों को टेस्ट पास करने में कठिनाई होती है, लेकिन दूसरी बार टेस्ट क्लियर हो जाता है।