Noida/Alive News: चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। गर्मी बढ़ते ही जिला अस्पताल में छोटे बच्चों के इलाज के लिए परिजनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित शर्मा के अनुसार, पहले बदलते मौसम के कारण बच्चों में वायरल बुखार, खांसी, पेट दर्द और सिरदर्द जैसी समस्याएं अधिक देखी जाती थीं। लेकिन अब तेज गर्मी, धूप और लू के कारण बच्चों में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन), हीट स्ट्रोक, थकान और एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, यह मौसम अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों को भी बढ़ावा दे रहा है और शरीर में पानी की कमी से डायरिया का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि यह समस्याएं विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों और लंबे समय तक धूप में खेलने वाले बच्चों में अधिक देखी जा रही हैं। अस्पताल में सुबह से दोपहर तक परिजन अपने बच्चों के इलाज के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आते हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन दिनों डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और एलर्जी से संबंधित करीब 30 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है।
बचाव के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, नारियल पानी या नींबू पानी देते रहें। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच बच्चों को धूप में बाहर निकलने से बचाएं। उन्हें सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनाएं और घर का वातावरण ठंडा रखें। जरूरत पड़ने पर बच्चों को ठंडे पानी से नहलाना भी फायदेमंद हो सकता है।
क्या न करें
बच्चों को लंबे समय तक धूप में न खेलने दें। चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों से दूर रखें। बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर जाने से बचें।

