June 19, 2026

अव्यवस्थाओं में फंसी ई-बस सेवा, चार्जिंग संकट से जूझ रहे चालक साथ ही सवारी बैठाने पर ऑटो चालकों से हो रहा विवाद

Prabhjot Kaur/Alive News

Noida: आनन-फानन में शुरू की गई ई-बस सेवा शुरुआती दिनों में ही अव्यवस्थाओं में फंसती नजर आ रही है। चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रेक्चर की कमी के कारण बसों को दो राउंड पूरे करने के बाद ही मोरना डिपो लौटना पड़ रहा है, जहां ई-बस के चालकों को बस 

चार्जिंग के लिए लंबी कतार का सामना करना पड़ता है। वहीं कम सवारियों और ऑटो चालकों के विरोध ने भी बस चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाल ही में गलगोटिया कॉलेज के पास सवारी बैठाने को लेकर ऑटो चालकों द्वारा बस चालक से अभद्रता और धमकी देने का मामला भी सामने आया है।
 जिले में शुक्रवार से शुरू हुई ई-बस सेवा का संचालन अभी पटरी पर नहीं आ पाया है। बस चालकों के अनुसार ई-बसें निर्धारित क्षमता के अनुरूप लंबी दूरी तय नहीं कर पा रही हैं। दो राउंड पूरे करने के बाद ही बैटरी का स्तर काफी कम हो जाता है, जिसके बाद बस को चार्जिंग के लिए मोरना डिपो लाना पड़ता है। डिपो में दो गन वाले पांच चार्जिंग प्वाइंट मौजूद हैं, लेकिन बसों की संख्या अधिक होने से चार्जिंग के लिए लंबी कतार लग रही है। बसों को पूरी तरह चार्ज होने में करीब दो घंटे का समय लग रहा है। बस चार्ज होने के बाद फिर से बोटेनिकल गार्डन जाकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट रूट के लिए सवारी भरते है। 
वही एक दूसरे बस चालक के कहना हुआ कि पूरे दिन में इन बसों में मुश्किल से दस यात्री ही सफर कर रहे हैं। कुछ बसें तो अपने पहले ही रूट पर लगभग खाली आ-जा रही हैं। उनका मानना है कि लोगों को अभी तक ई-बस सेवा की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई है, जिसके कारण यात्री इनका उपयोग नहीं कर रहे हैं।
इस बीच सवारी बैठाने को लेकर ऑटो चालकों और बस चालकों के बीच टकराव की स्थिति भी बनने लगी है। एक बस चालक ने बताया कि गलगोटिया कॉलेज के पास निर्धारित स्टॉप पर बस रोककर सवारी बैठाने के दौरान कुछ ऑटो चालक उन पर भड़क गए। आरोप है कि ऑटो चालकों ने अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें वहां से सवारी न भरने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि

 यदि यही स्थिति रही तो अन्य स्टॉपेज पर भी ऐसे विवाद सामने आ सकते हैं।
हालांकि परिवहन विभाग ने ई-बसों का रूट और समय सारिणी निर्धारित कर दी है साथ ही हर 15 मिनट में निर्धारित बस स्टाॅप पर बस तो आ रही है और रुक भी रही है, लेकिन

 कई स्टॉप पर सवारी न मिलने के कारण बसें बिना रुके आगे निकल रही हैं। दूसरी ओर ऑटो और ई-रिक्शा चालक मोरना से चार मूर्ति के लिए एक बार में छह से नौ सवारियां लेकर जा रहे हैं, जबकि मोरना से चार मूर्ति तक जाने के लिए इन ई-बस का किराया सिर्फ 30 रुपये है वही ऑटो और ई- रिक्शा का किराया 40 रुपये है। जिसे देकर बड़ी संख्या में लोग ऑटो और ई- रिक्शा से जा रहे है। 

लोगों का कहना है कि इन ई-बस के बारे में तो उन्हे पता ही नहीं है कि शहर में कोई ई- बस भी चल रही है जिसका चार मूर्ति तक किराया सिर्फ और सिर्फ 30 रुपये ही है। वही कुछ लोगों ने बस के किराये और निर्धारित स्टॉप पर पहुंचने के समय को लेकर कहा कि सेक्टर 37 से सिटी सेंटर तक ऑटो और ई- रिक्शा के चालक सिर्फ दस रुपये लेते है वही दूसरी तरफ ई-बस चालक 20 रुपये लेते है और ऑटो की तुलना में कम समय पर हमें निर्धारित स्थान पर पहुंचा देते है।