Faridabad/Alive News: उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में एसडीएम अमित कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में रोड सेफ्टी को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, डेथ ऑडिट, रोड सेफ्टी ऑडिट तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान एसडीएम अमित कुमार ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए एक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए। यह सॉफ्टवेयर अनाधिकृत पार्किंग, गलत दिशा में पार्किंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और पैदल यात्रियों द्वारा गलत तरीके से सड़क पार करने जैसी गतिविधियों की स्वतः पहचान करेगा। साथ ही बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की पहचान के लिए भी विशेष तकनीक विकसित की जाएगी, जिससे ऐसे मामलों की सूचना स्वतः पुलिस विभाग को मिल सके और त्वरित कार्रवाई हो सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आम नागरिकों को पहले से सतर्क किया जा सके। हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
बैठक में आरटीए सचिव मुनीश सहगल ने रोड सेफ्टी से संबंधित समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 35 स्थानों पर नई ट्रैफिक लाइटें लगाई जा रही हैं, जिनमें बीपीटीपी और बड़खल जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटनाग्रस्त सड़कों की पहचान कर वहां मौजूद गड्ढों, टूटी ग्रिल, खराब साइन बोर्ड और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जैसी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और रोड सेफ्टी से जुड़े अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

