September 17, 2026

पीरियड्स के दौरान कैफीन को कहे नो, सही उत्पादों का करें चयन

Health/Alive News: पीरियड्स के दौरान महिलाओं की जिंदगी उथल पुथल हो जाती है। इस समस्या के कारण पांच दिन महिलायें परेशान रहती हैं। पीरियड्स के दौरान न पेट में ऐंठन होना, पेट फूलना, कब्ज या डायरिया होना, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं होती हैं। बायोमेड रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 75-80 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स के दौरान असहज और अस्वस्थ्य महसूस करती हैं। अगर, आप भी उनमें से एक हैं, तो आपको कुछ जरूरी उपाय करने चाहिए ताकि महीने के वो दिन भी आपके लिए सामान्य और आरामदायक हों।

पानी से ना हो कोई समझौता
पीरियड्स के दौरान शरीर में जल का स्तर बनाए रखना बहुत जरूरी है। इससे पेट में होने वाली ऐंठन और मरोड़ से भी आराम मिलेगा। पर्याप्त मात्रा में जल और दूसरे तरल पदार्थों के सेवन से शरीर में रक्त का प्रवाह भी बेहतर होता है, जिससे में स्ट्रुअल ब्लड के शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। एक दिन में कम से कम ढाई से तीन लीटर पानी पीना चाहिए।

पोषण का रखें ध्यान
पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों से बचने के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन का सेवन करें। डाइट में भरपूर मात्रा में सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें ताकि ऊर्जा का सही स्तर बना रहे। जंक और फास्ट फूड्स के सेवन से बचें। इनमें वसा, चीनी और नमक की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट फूलने की समस्या होती है। प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स से भरपूर डाइट पीरियड के कारण होने वाली परेशानी से निपटने में मदद करेगी।

कैफीन और शुगर को कहें ना
कॉफी पीने से हम तरोताजा महसूस करते हैं और मूड भी बेहतर हो जाता है, लेकिन कैफीन फायदे की जगह नुकसान ज्यादा पहुंचाता है। कैफीन एंग्जाइटी बढ़ा सकती है। अधिक मात्रा में कॉफी के सेवन से पेट में मरोड़ और ऐंठन की समस्या भी होती है। सिर्फ कैफीन ही नहीं, ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से भी बचें। कोलड्रिंक का सेवन भी न करें, इनमें भी शुगर की मात्रा काफी होती है। अगर, आपका मीठा खाने का मन कर रहा है, तो डार्क चॉकलेट का सेवन करें। मूड अच्छा होगा।

नींद और आराम है जरूरी
पीरियड्स के दौरान थकान होना सामान्य है। इस दौरान पूरी नींद लें और अपने आराम का भी ध्यान रखें। कम से कम 8 घंटे की नींद लें, इस से न केवल आपका सिस्टम बेहतर तरीके से काम करेगा, बल्कि हार्मोन्स का संतुलन भी बेहतर रहेगा।

व्यायाम से बनेगी बात
पीरियड्स के दौरान अधिकतर महिलाएं सोचती हैं कि व्यायाम नहीं करना चाहिए। परंतु यह एक बस एक गलत धारणा है। पीरियड के दौरान टहलना, योग या हल्की-फुल्की एरोबिक एक्सरसाइज की जा सकती है। इससे न केवल रक्तसंचार बेहतर होता है बल्कि पेट में मरोड़ और पेट फूलने की समस्या भी नहीं होती है। एक्सरसाइज करने से एंडो एं रफिन का उत्पादन भी बढ़ता है, जिस से मूड बेहतर होता है।

सही उत्पादों का करें चयन
पीरियड्स के दौरान सही उत्पाद का चुनाव करना जरूरी है। मेंस्ट्रुअल कप, टैंपून या सैनिटरी पैड्स में से आप जिस विकल्प का भी इस्तेमाल कर रही हैं, उसकी गुणवत्ता के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं करें। ऐसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, जिससे आप अपने पीरियड को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें। साथ ही, उसका कोई साइड इफेक्ट भी ना हो।