Gurugram/Alive News: हरियाणा के गुरुग्राम के शिकोहपुर जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए वाड्रा समेत 9 आरोपियों को समन जारी किया है और उन्हें 16 मार्च को अदालत में पेश होने को कहा है।
यह मामला 2008 में हुए एक जमीन सौदे से जुड़ा है। उस समय रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके कुछ समय बाद हरियाणा सरकार ने इस जमीन पर कॉलोनी बनाने का लाइसेंस दे दिया।
इसके बाद वाड्रा की कंपनी ने यह जमीन DLF को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दी, जिससे उन्हें बड़ा मुनाफा हुआ।
2012 में एक आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने इस जमीन सौदे में गड़बड़ी बताते हुए म्यूटेशन रद्द कर दिया था, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया।
साल 2018 में हरियाणा पुलिस ने इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र हुड्डा, DLF और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में FIR दर्ज की थी। बाद में ईडी ने इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
ईडी को शक है कि जमीन की कीमत कम समय में असामान्य रूप से बढ़ाई गई और इस सौदे में नियमों का उल्लंघन हुआ। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस सौदे से मिले पैसे का इस्तेमाल कहीं अवैध तरीके से तो नहीं हुआ।
ईडी इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा से अप्रैल 2025 में तीन बार पूछताछ कर चुकी है। वाड्रा ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया है और कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई कोर्ट में होगी।

