August 5, 2026

‘कल जेन अल्फा और बीटा भी आ जाएंगे’: छात्र प्रदर्शनकारियों पर केस वापस लेने की मांग का सुप्रीम कोर्ट में विरोध

New Delhi/Alive News: दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एक नई जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिका में प्रदर्शन के आयोजकों की जवाबदेही तय करने और केवल राजनीतिक फैसले के आधार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस न लेने की मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी समूह इसी तरह के प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने टिप्पणी की कि “आज जेन Z है, कल जेनरेशन अल्फा, बीटा और डेल्टा भी आ जाएंगे।”

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यदि कुछ लोग हिंसा या पत्थरबाजी में शामिल हुए हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन युवाओं के साथ सरकार का अत्यधिक सख्त रवैया हालात को और बिगाड़ सकता है। अदालत ने कहा कि युवाओं को समझाने और उनकी बात सुनने की जरूरत है ताकि हिंसा को रोका जा सके।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि विरोध प्रदर्शन के आयोजकों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि केवल राजनीतिक कारणों से मामले वापस लिए गए तो यह भविष्य के आंदोलनों के लिए गलत उदाहरण बनेगा।

याचिका में मांग की गई है कि वीडियो, तस्वीरों और अन्य सबूतों के आधार पर उन लोगों की पहचान की जाए जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। साथ ही ऐसे लोगों को अदालत की निगरानी में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को छात्र प्रदर्शनों से जुड़े अन्य मामलों के साथ जोड़ दिया है। मामले की अगली सुनवाई बाद में होगी।