July 13, 2026

राम मंदिर चंदा मामला: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, केंद्र-यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस; जानें पहली सुनवाई के 5 बड़े अपडेट

राम मंदिर चंदा मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट

New Delhi/Alive News: अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं से प्राप्त दान के कथित गबन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को अब तक की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि एसआईटी अपनी जांच की प्रगति और टीम की संरचना का पूरा विवरण स्टेटस रिपोर्ट में प्रस्तुत करे।

पहली सुनवाई के 5 बड़े अपडेट

  1. केंद्र, यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस
    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब मांगा है। हालांकि, ट्रस्ट को नोटिस न देने के अनुरोध को अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
  2. एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट तलब
    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी को जांच की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने कहा कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी।
  3. याचिकाकर्ताओं को रिपोर्ट देने से इनकार
    याचिकाकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखने के साथ स्टेटस रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। अदालत ने फिलहाल रिपोर्ट साझा करने से इनकार करते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद इस पर विचार किया जाएगा।
  4. सीबीआई जांच और सीएजी ऑडिट की मांग
    सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिकाओं में मामले की सीबीआई जांच, ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट तथा श्रद्धालुओं के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई।
  5. फॉरेंसिक ऑडिट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
    एक अन्य जनहित याचिका में ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन सुरक्षित रखने तथा जांच पूरी होने तक बड़े वित्तीय निर्णयों पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही इस मामले में एसआईटी का गठन कर चुकी है। जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी।

नोट: यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना अभी बाकी है।