Noida/Alive News: शहर के रोडवेज बस डिपो के बाहर इन दिनों प्राइवेट बसों की मनमानी चरम पर है। प्राइवेट बस चालक डिपो के पास ही अपनी बस रोककर खुलेआम सवारियां भर रहे हैं, जिससे यात्री डिपो के अंदर जाने के बजाय सीधे प्राइवेट बसों से सफर करना ज्यादा आसान समझ रहे हैं। इसका सीधा असर परिवहन विभाग के राजस्व पर पड़ रहा है। साथ ही बिना किसी तय नियम और सुरक्षा मानकों के सवारी भरने से उनकी सुरक्षा भी खतरे में बनी हुई है।
नोएडा के सेक्टर 35 स्थित मोरना रोडवेज डिपो के बाहर रोज करीब 40 से 50 प्राइवेट बसें आती है, जो अलीगढ़, परीचौक और जेवर समेत अन्य रूटों के लिए सवारियां भरती हैं। सिर्फ बस ही नहीं, बल्कि ऑटो और कैब चालक भी यही करते है। जबकि परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी रोडवेज बस डिपो के 1 किलोमीटर के दायरे में कोई भी प्राइवेट बस चालक, ऑटो और कैब अपने वाहन खड़े करके सवारी नहीं भर सकते। इस नियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और बस ज़ब्त करने जैसी कार्रवाई की जाती है। इस नियम का उद्देश्य अवैध यातायात की गतिविधि को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एआरएम रोहितश कुमार ने बताया कि मोरना रोडवेज डिपो के बाहर सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास रोज कई प्राइवेट बसे खड़ी रहती है,जो डिपो में आने वाली सवारी को बस में बैठाकर ले जाती है। मना करने और कार्रवाई के बावजूद चालक अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे। कई बार शिकायत करने के बाद उन्हें यहां अपनी बस को खड़े करने से रोका दिया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर से यहां आकर अपनी बस में सवारी भरने लगते है। इस कारण परिवहन विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

