June 12, 2026

ई-कॉमर्स के दौर में पार्सल हब बने डाकघर, पांच माह में 1.40 करोड़ से अधिक आर्टिकल भेजे गए

Gungunsharma/Alive News

Noida: कभी चिट्ठियों और मनीऑर्डर तक सीमित रहने वाले डाकघर अब ई-कॉमर्स के बढ़ते बाजार के साथ अपनी नई पहचान बना रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने डाक विभाग के कामकाज में बड़ा बदलाव ला दिया है। अब डाकघर पार्सल और आर्टिकल की डिलीवरी के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। स्पीड पोस्ट और बुक नाउ पे लेटर (बीपीएल) जैसी सेवाओं के जरिए बड़ी संख्या में पार्सल भेजे जा रहे हैं।

सेक्टर-16 स्थित डाकघर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में 1 करोड़ 40 लाख 36 हजार 655 आर्टिकल भेजे गए हैं, जबकि बीपीएल सेवा के माध्यम से 84 करोड़ 16 लाख 9 हजार 372 पार्सल डिस्पैच किए गए। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ बढ़ती साझेदारी और लोगों के भरोसे के कारण पार्सल कारोबार में लगातार वृद्धि हो रही है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी माह में 29 लाख 3 हजार 499 आर्टिकल और 16 करोड़ 57 लाख 21 हजार 701 बीपीएल पार्सल भेजे गए। फरवरी में 28 लाख 4 हजार 9 आर्टिकल और 15 करोड़ 75 लाख 84 हजार 161 पार्सल का डिस्पैच हुए। मार्च में 26 लाख 53 हजार 60 आर्टिकल तथा 14 करोड़ 92 लाख 19 हजार 217 पार्सल भेजे गए। अप्रैल में 26 लाख 86 हजार 923 आर्टिकल और 17 करोड़ 17 लाख 50 हजार 287 पार्सल का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। वहीं मई में सबसे अधिक 29 लाख 89 हजार 164 आर्टिकल और 19 करोड़ 73 लाख 34 हजार 6 बीपीएल पार्सल भेजे गए।

डाक विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2024 में 2.84 करोड़ आर्टिकल भेजे गए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 3.20 करोड़ से अधिक पहुंच गई। वर्ष 2025 के सितंबर, नवंबर और दिसंबर माह में आर्टिकल की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई थी। वहीं वर्ष 2026 में जनवरी, फरवरी और मई माह के दौरान पार्सल बुकिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है।

वर्जन 

डाक विभाग के मैनेजर अजय कुमार जैन ने कहा कि बदलती तकनीक और ई-कॉमर्स की बढ़ती मांग के बीच डाकघर अब केवल चिट्ठियों का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि लॉजिस्टिक्स और पार्सल सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे लोगों को सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद डिलीवरी सुविधा मिल रही है।