Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में किस इलाके में सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र है, दोनों अब डिजिटल नक्शे पर दिखेंगे। लोगों को इलाज के लिए कितनी दूर जाना पड़ेगा, इसकी जानकारी अब डिजिटल नक्शे से मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग जिले के सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष संस्थानों की जीआईएस मैपिंग करवा रहा है। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के साथ उन क्षेत्रों की पहचान भी हो सकेगी, जहां आबादी के हिसाब से स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है। इसके आधार पर भविष्य में नए स्वास्थ्य संस्थान खोलने और मौजूदा केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने की योजना तैयार की जा सकेगी।
इस डिजिटल व्यवस्था में स्वास्थ्य संस्थानों की लोकेशन के साथ वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और तस्वीरों को भी दर्ज किया जाएगा। इससे लोगों को अपने आसपास मौजूद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी यह पता लगाने में आसानी होगी कि जिले के किन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने की जरूरत है।
इलाज के लिए दूर जाने वाले क्षेत्रों की होगी पहचान
जीआईएस मैपिंग से यह आकलन किया जा सकेगा कि किस क्षेत्र की आबादी के अनुपात में कितने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हैं। जिन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं या लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, उन्हें चिह्नित किया जा सकेगा। इसके आधार पर नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने, मौजूदा संस्थानों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और बजट आवंटित करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों की जीआईएस मैपिंग से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इस परियोजना में स्वास्थ्य, आयुष और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के संस्थानों को शामिल किया जाएगा। हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (एचएआरएसएसी) तकनीकी सहयोग देकर डिजिटल आंकड़ों के प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद करेगा।

