June 6, 2026

नवरात्रि उत्सव: श्रीसिद्धदाता आश्रम में मां चंद्रघंटा की पूजा

Faridabad/Alive News: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन सूरजकुंड मार्ग स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण दिव्यधाम-श्रीसिद्धदाता आश्रम में भक्ति और आध्यात्म का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सत्संग भवन में आयोजित आदिशक्ति मां दुर्गा के अनुष्ठान में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

पूजा के दौरान “या देवी सर्वभूतेषु…” और “वन्दे वांछित लाभाय…” जैसे मंत्रों के उच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। वेद-वेदांग आचार्यों द्वारा देवी पुराण एवं महाभागवत के मंत्रोच्चार के बीच युवाचार्य स्वामी अनिरुद्धाचार्य जी ने विश्व कल्याण हेतु विशेष पूजा संपन्न कराई।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने सौभाग्य, समृद्धि, साहस और संकल्प शक्ति की प्राप्ति के लिए मां चंद्रघंटा का पूजन किया। आश्रम के अधिष्ठाता एवं श्रीरामानुज संप्रदाय की तीर्थ पीठ इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा के पीठाधीश्वर अनंतश्री विभूषित श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में मां चंद्रघंटा के महत्व को विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि मां चंद्रघंटा को शक्ति की वाग्देवी माना गया है और उनकी कृपा से भक्तों के पाप और संकट नष्ट होते हैं। उनकी पूजा से जीवन में शांति आती है तथा कष्टों का निवारण होता है। मां चंद्रघंटा भक्तों को सौभाग्य, धन-धान्य, साहस, सुख-संपत्ति और संकल्प शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

स्वामी ने यह भी बताया कि नवरात्रि का पहला दिन संकल्प का, दूसरा दिन अनुशासन का और तीसरा दिन आत्मविश्वास के साथ संकल्प को मजबूत करने का होता है। मां चंद्रघंटा की उपासना से आंतरिक शक्ति जागृत होती है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

अनुष्ठान के समापन पर स्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर आशीर्वाद प्रदान किया। पूरे आयोजन के दौरान मंत्रों की गूंज और श्रद्धा का वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत करता रहा।