Ujjain/Alive News: महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के दौरान भगदड़ जैसे हालात बन गए। बताया जा रहा है कि करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। भीड़ के दबाव में 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादातर घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि तीन लोगों का इलाज जारी बताया जा रहा है। जिन श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी, उन्हें उज्जैन जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल ली है।
पुलिस के मुताबिक, नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन के लिए करीब 40 हजार श्रद्धालु कतार में हैं। अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, कुछ घायलों और उनके परिजनों ने भीड़ प्रबंधन में लापरवाही और समय पर मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया है।
श्रद्धालु ने बताया कैसे मची भगदड़
घायल सागर ने बताया कि वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए कई घंटे से लाइन में खड़े थे। करीब 7-8 घंटे बाद वह हरसिद्धि चौराहे तक पहुंचे। वहां भीड़ बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे तक रोके रखा गया।
सागर के मुताबिक, अचानक बैरिकेड खोल दिए गए, जिसके बाद भीड़ तेजी से आगे बढ़ी और भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान टेंट और बैरिकेड गिर गए और उनके दोनों पैर बैरिकेड के नीचे दब गए। उन्होंने एक पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही।
VIP दर्शन को लेकर भी सवाल
सागर ने दावा किया कि घटना के दौरान VIP दर्शन भी जारी था। उनके मुताबिक, 300 रुपये की रसीद काटकर श्रद्धालुओं को VIP दर्शन कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले भी भारी भीड़ के बीच VIP श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा था, जबकि आम श्रद्धालु कई घंटे तक लाइन में खड़े थे।
घटना के बाद अस्पताल में मरीजों के भर्ती नहीं होने के दावे को लेकर भी सवाल उठे। उज्जैन निवासी मनोहर भावसार ने बताया कि उनके दोस्त का बच्चा महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए गया था और घटना के बाद उसे अस्पताल लाया गया।
महिला ने बताया- बेटी बोल नहीं पा रही
ग्वालियर से दर्शन के लिए आई श्रद्धालु आरती ने बताया कि उनकी बेटी भी घटना में घायल हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को चक्कर आया और वह रेलिंग से टकराकर गिर गई। इसके बाद वह बेहोश हो गई और उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
आरती के मुताबिक, उनकी बेटी बोल नहीं पा रही है और उसके दांत भी टूट गए हैं।
मंदिर प्रशासन ने भगदड़ से किया इनकार
वहीं, महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने किसी तरह की अफरा-तफरी या अप्रिय घटना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि नागचंद्रेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन लगातार जारी हैं और दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से चल रही है।
इस तरह प्रशासन और कुछ श्रद्धालुओं के बयानों में अंतर सामने आया है। घटना को लेकर वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के बाद और स्पष्ट होगी।
साल में सिर्फ एक दिन खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर
नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। नागपंचमी के अवसर पर इसके कपाट साल में केवल एक बार खोले जाते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को 24 घंटे भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन का अवसर मिलता है।
इस साल सावन सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ने के कारण महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

