June 6, 2026

जीवा पब्लिक स्कूल में लीडरशिप कार्यक्रम का आयोजन, राजस्थान के 75 से अधिक स्कूल प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

Faridabad/Alive News: सेक्टर-21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में जीवा लर्निंग सिस्टम पर आधारित एक प्रेरणादायक लीडरशिप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान के अलग-अलग शहरों से 75 से अधिक स्कूलों के प्रिंसिपल्स और डायरेक्टर्स ने भाग लिया और जीवा पब्लिक स्कूल की शिक्षण पद्धति व जीवा लर्निंग सिस्टम को समझा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अनिल शर्मा रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस दौरान विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान, उपाध्यक्ष चंद्रलता चौहान, एकेडमिक हेड मुक्ता सचदेव, प्रधानाचार्या नरजीत कौर, लीड एंड स्ट्रैटेजिक हेड जयवीर सिंह और जीवा आयुर्वेदा संस्थान के युवा डायरेक्टर्स मधुसूदन चौहान, मीनाक्षी सिंह और नीरजा चौहान मौजूद रहे।

कार्यक्रम में छात्रों ने SOE (स्वयं, समाज और पर्यावरण) विषय पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और उद्यमिता का संदेश प्रभावशाली तरीके से दिया।

कार्यक्रम में बताया गया कि जीवा लर्निंग सिस्टम का उद्देश्य केवल पढ़ाई नहीं बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और मूल्यों का विकास करना है। 30 वर्षों के अनुभव और शोध पर आधारित यह शिक्षा प्रणाली छात्रों के जीवन कौशल और समग्र विकास पर काम करती है। वर्तमान में देश-विदेश के 50 से अधिक स्कूल इस सिस्टम को अपना चुके हैं, जिससे 500 शिक्षक और 10 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

विद्यालय अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने कहा कि जीवा लर्निंग सिस्टम बच्चों को आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बच्चों में संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित कर उन्हें “चेंजमेकर” बनाने का प्रयास करती है।

कार्यक्रम में गुरुग्राम के ‘विद्यार्थ पब्लिक स्कूल’ के सत्यार्थ प्रकाश और खुर्जा के ‘अल्पाइन पब्लिक स्कूल’ के शिखर मित्तल ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके स्कूलों में जीवा लर्निंग सिस्टम अपनाने के बाद सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. अनिल शर्मा ने भी जीवा लर्निंग सिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल है और इसे अन्य राज्यों के स्कूलों में भी अपनाया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक स्टॉल्स का भ्रमण कराया गया, जहां विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार को प्रदर्शित किया गया।