New Delhi/Alive News: मध्य प्रदेश के इंदौर से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद तक बनने वाला 743 किलोमीटर लंबा इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे तेजी से तैयार हो रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस एक्सप्रेसवे से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच सड़क संपर्क पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा।
फिलहाल इंदौर से हैदराबाद की दूरी करीब 954 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 16 घंटे से अधिक समय लगता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 783 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा का समय करीब 7 घंटे हो जाएगा। इससे यात्रियों के लगभग 9 घंटे बचेंगे।
यह चार लेन का सेमी-एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भारतमाला परियोजना के तहत विकसित कर रहा है। परियोजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। तेलंगाना के 96 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में काम तेजी से जारी है।
इन प्रमुख शहरों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
- इंदौर
- खंडवा
- खरगोन
- बुरहानपुर
- अकोला
- वाशिम
- हिंगोली
- नांदेड़
- कामारेड्डी
- मेडक
- संगारेड्डी
- हैदराबाद
इस कॉरिडोर से औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि बाजारों, एसईजेड, फार्मा क्लस्टर, टेक्सटाइल हब, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और मेगा फूड पार्कों को तेज सड़क संपर्क मिलेगा। इससे माल परिवहन आसान होगा, ईंधन की बचत होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
तीन सुरंगों का भी हो रहा निर्माण
इंदौर से खरगोन के बीच पहाड़ी क्षेत्र में तीन सुरंगें बनाई जा रही हैं। इनमें 575 मीटर लंबी भेरूघाट सुरंग, 550 मीटर लंबी चोरल घाट सुरंग और 480 मीटर लंबी बाईग्राम सुरंग शामिल हैं। इनसे पहाड़ी रास्तों पर सफर अधिक सुरक्षित और तेज होगा।
2026 में शुरू होने की उम्मीद
करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एक्सप्रेसवे को 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सुरंग और वायडक्ट निर्माण में देरी के कारण अब इसके 2026 में शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने के बाद मध्य और दक्षिण भारत के बीच यात्रा, व्यापार और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा।

