June 6, 2026

समुद्र में और मजबूत होगी भारत की ताकत, नौसेना में शामिल होंगे 5 स्वदेशी युद्धपोत

New Delhi/Alive News: भारतीय नौसेना इस महीने अपने बेड़े में पांच नए स्वदेशी जहाज और युद्धक प्लेटफॉर्म शामिल करने जा रही है। इनमें दो आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट, एक सर्वेक्षण पोत और दो पनडुब्बी रोधी युद्धपोत शामिल हैं। ये सभी “मेक इन इंडिया” पहल के तहत देश में ही डिजाइन और निर्मित किए गए हैं।

नौसेना में शामिल होने वाले प्रमुख जहाजों में आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस महेंद्रगिरि, सर्वेक्षण पोत संशोधक, तथा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रय और मालवन शामिल हैं। इन जहाजों के शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा, युद्ध क्षमता और तटीय रक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट-17ए के आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट हैं। ये अत्याधुनिक सेंसर, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, बराक-8 मिसाइल सिस्टम और उन्नत रडार से लैस होंगे। इनकी मदद से भारतीय नौसेना हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी ताकत और प्रभाव बढ़ा सकेगी।

वहीं, सर्वेक्षण पोत संशोधक समुद्र की गहराइयों का अध्ययन, समुद्री नक्शे तैयार करने और समुद्री निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दूसरी ओर, अग्रय और मालवन को तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए तैयार किया गया है।भारतीय नौसेना वर्तमान में 130 से अधिक युद्धपोतों और पनडुब्बियों का संचालन कर रही है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक नौसेना के बेड़े को 200 युद्धपोतों और पनडुब्बियों तक पहुंचाना है।

इन नए स्वदेशी जहाजों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत होगी तथा चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों का प्रभावी जवाब देने में मदद मिलेगी।