Mumbai/Alive News: मुंबई में जबरन वसूली और आपराधिक धमकी देने के आरोप में फंसे तीन रेलवे पुलिसकर्मियों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। इससे पहले सितंबर 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीनों पुलिसकर्मियों को अग्रिम जमानत दी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब कानून की रक्षा करने वाले ही लोगों से जबरन वसूली करने लगें, तो आम नागरिक पूरी तरह असहाय हो जाता है और उसके पास झुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को अस्पष्ट बताते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अपने पद का दुरुपयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के मामलों को सामान्य आरोपियों की तरह नहीं देखा जा सकता और ऐसे मामलों में अलग दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत होती है।यह मामला अगस्त 2025 का है। शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति अपने नाबालिग बच्चे के साथ राजस्थान जा रहा था। मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर रेलवे पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में लिया। आरोप है कि उसके पास 14 ग्राम सोने का बिस्कुट और 31,900 रुपये नकद मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने उससे जबरन वसूली की और धमकाया।
इस मामले में तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विभागीय जांच के बाद राज्य सरकार ने उन्हें नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया है।

