New Delhi/Alive News: भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत पाकिस्तान में मौजूद 23 आतंकवादियों को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि ये सभी जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), अल-कायदा और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
गृह मंत्रालय के अनुसार, इन आतंकवादियों पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती, सीमा पार से घुसपैठ, आतंकियों को प्रशिक्षण देने, ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पहुंचाने तथा आतंकी हमलों की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं।
सरकार का कहना है कि सूची में शामिल कुछ आतंकवादी पहले हुए बड़े आतंकी हमलों में भी कथित रूप से शामिल रहे हैं। इनमें तीन लोगों पर वर्ष 2016 में नगरोटा सेना शिविर पर हुए हमले और दो लोगों पर वर्ष 2018 में सुंजवान मिलिट्री स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप है।
हाफिज सईद के करीबी सहयोगी भी सूची में
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी सहयोगियों के रूप में चिन्हित किया गया है।
सरकार के अनुसार:
- राणा इफ्तिखार विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने का काम करता है।
- अब्दुल रऊफ लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा से जुड़ा है तथा आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने, समन्वय करने और फंड जुटाने में सक्रिय भूमिका निभाता है।
- हाफिज खालिद वलीद हाफिज सईद की सुरक्षा से जुड़ा रहा है और कई आतंकी घटनाओं का कथित मास्टरमाइंड माना जाता है।
NIA को मिलेगी अधिक कानूनी शक्ति
इन व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को उनके वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई करने, उनकी संपत्तियां जब्त करने, फंडिंग रोकने और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में UAPA में संशोधन के बाद सरकार को किसी संगठन के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से भी किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने का अधिकार मिला था।
आतंकवादियों की सूची बढ़कर 80 हुई
23 नए नाम जोड़े जाने के बाद भारत सरकार की आतंकवादियों की सूची में अब कुल 80 व्यक्ति शामिल हो गए हैं। इस सूची में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े कई प्रमुख आतंकवादी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम आतंकवाद के वित्तीय और परिचालन नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

